रायगढ़: ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत नाना पटोले ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, SIR रोकने की मांग

रायगढ़, 26 अक्टूबर। कांग्रेस के देशव्यापी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत सोमवार को रायगढ़ के विश्राम गृह में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक नाना पटोले ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया तत्काल स्थगित करने की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक नोवल वर्मा और प्रकाश नायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष नागेंद्र नेगी (ग्रामीण) एवं शाखा यादव (शहर), अनिल शुक्ला, सलीम नियरिया और जिला कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने जताई चिंता

नाना पटोले ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने दोहरे पंजीकरण, EVM-VVPAT की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग की संस्थागत स्वायत्तता को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में लगभग 39 लाख की वृद्धि हुई थी। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत और मशीन-पठनीय आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।

महादेवपुरा, हरियाणा और आलंद के मामलों का किया उल्लेख

प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित दोहरे पंजीकरण, अमान्य तस्वीरों और फॉर्म-6 के दुरुपयोग से जुड़ी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। पार्टी ने हरियाणा और कर्नाटक के आलंद में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल किए।

कांग्रेस नेताओं ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के भीतर मतदाता डेटाबेस और इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर को लेकर उठी चिंताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए आंकड़ों और प्रक्रियाओं की पारदर्शिता आवश्यक है।

13.3 करोड़ नामों को लेकर कांग्रेस की मांग

कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से संबंधित लगभग 13.3 करोड़ नामों के मुद्दे पर चिंता जताई। पार्टी ने मांग की कि गलत तरीके से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

हालांकि, चुनाव आयोग के अनुसार, 13.39 करोड़ मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे पंजीकरण जैसी श्रेणियों में रखा गया था। यह संख्या अपने आप में अंतिम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए पात्र मतदाताओं की संख्या नहीं दर्शाती। <Cite refs={[“turn929976search5″,”turn929976search2”]}/>

ब्लॉक से राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन की तैयारी

कांग्रेस ने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर मार्च, रैलियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। पार्टी कार्यकर्ता ‘वोट रक्षक’ के माध्यम से बूथ स्तर पर मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे और मतदाताओं को उनके नाम की स्थिति जांचने के लिए जागरूक करेंगे।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस ने दिल्ली में प्रदर्शन और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के साथ 25 नवंबर को रामलीला मैदान में राष्ट्रीय रैली आयोजित करने की घोषणा की है।

मताधिकार की रक्षा के लिए जनजागरण पर जोर

नाना पटोले ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जनजागरण अभियान जारी रखेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग से उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जवाब देने और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

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