सरकारी अस्पताल में पंचायत का बाथरूम बना पानी की टंकी गायब; अब ठेकेदार ने किया कब्जा
लाखों के निर्माण पर सवाल: न पानी की व्यवस्था, न उपयोग की सुविधा—बंगाली कैंप सरकारी अस्पताल परिसर का मामला
किरंदुल। बंगाली कैंप स्थित सरकारी अस्पताल परिसर में पंचायत द्वारा निर्मित बाथरूम की स्थिति गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि पंचायत ने अस्पताल परिसर में बाथरूम का निर्माण तो कराया, लेकिन आज तक उसमें पानी की टंकी की व्यवस्था नहीं की गई। नतीजा यह है कि बाथरूम होने के बावजूद उसका उपयोग पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है।
मौके पर बाथरूम की दीवारों की हालत भी बदहाल दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर प्लास्टर और रंग उखड़ चुके हैं तथा भवन जर्जर होता नजर आ रहा है। सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि अस्पताल परिसर में बने इस बाथरूम को उपयोग में लेने के बजाय ठेकेदार द्वारा कथित तौर पर अपने सामान रखने के लिए स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
मरीजों और आम लोगों के लिए बनी सुविधा, आखिर ठेकेदार के कब्जे में कैसे?
सरकारी अस्पताल परिसर में बना बाथरूम मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल आने वाले आम लोगों की सुविधा के लिए होना चाहिए। लेकिन यदि बाथरूम में पानी की टंकी ही नहीं है और उसे ठेकेदार ने अपने निर्माण कार्य के सामान रखने का ठिकाना बना लिया है, तो पंचायत द्वारा कराए गए निर्माण और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जांच कर कब्जा हटाने और सुविधा शुरू करने की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए। बाथरूम में आवश्यक पानी की टंकी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर उसे उपयोग योग्य बनाया जाए। साथ ही यदि ठेकेदार द्वारा वास्तव में बाथरूम पर कब्जा कर उसे स्टोर रूम बनाया गया है, तो कब्जा हटाकर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।












