सरगुजा में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में चक्काजाम, 4 घंटे बाद पुलिस ने हटाया जाम

सरगुजा। जिले के मैनपाट क्षेत्र के रोपाखार में एक आदिवासी विधवा महिला के घर पर प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। विरोध स्वरूप शनिवार सुबह ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।


विधवा महिला का मकान तोड़े जाने से बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, रोपाखार में रामबाई गोंड़ (पति स्व. बीरबल) के मकान पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। यह मकान शासकीय भूमि के खसरा नंबर 853 में बना हुआ था, जहां परिवार कई वर्षों से निवास कर रहा था। बताया गया कि महिला के वन अधिकार पत्र में खसरा नंबर से संबंधित त्रुटि भी थी।


नेशनल हाईवे पर किया गया चक्काजाम

कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों और राम सेना के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे-43 पर काराबेल हाई स्कूल के सामने सुबह करीब 9:30 बजे चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।


समझाइश के बाद भी नहीं माने प्रदर्शनकारी

मौके पर पहुंचे सीतापुर एसडीएम राम सिंह ठाकुर ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तहसील न्यायालय मैनपाट में प्रकरण के बाद की गई है, लेकिन ग्रामीणों ने दस्तावेज दिखाते हुए बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप लगाया।


पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया जाम

करीब चार घंटे तक प्रदर्शन जारी रहने के बाद एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया। इस दौरान विधायक समर्थक बीडीसी सूर्या पैकरा और पीड़ित महिला रामबाई को हिरासत में लिया गया। साथ ही नेशनल हाईवे को अवरुद्ध करने के मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया और इस्तीफा

मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा मंडल महामंत्री गौतम पैकरा ने विरोध स्वरूप पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई प्रभाव में आकर पक्षपातपूर्ण तरीके से की गई है।


विधायक समर्थकों में नाराजगी

घटना को लेकर विधायक समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों के बावजूद कार्रवाई की गई, जिससे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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