
सरगुजा में भाषा को लेकर भेदभाव: अवैध स्कूल पर कार्रवाई, 1 लाख का जुर्माना
सरगुजा। जिले में सरगुजिहा भाषा बोलने पर एक बच्चे को स्कूल में प्रवेश से मना करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि संबंधित निजी स्कूल बिना मान्यता के अवैध रूप से संचालित हो रहा था।
कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
बिना मान्यता चल रहा था स्कूल
जांच में पता चला कि स्वरंग एकेडमी नाम का यह स्कूल बिना किसी सरकारी मान्यता के संचालित किया जा रहा था। यह खुलासा प्रशासन के लिए भी चौंकाने वाला रहा।
प्राचार्या ने पहले किया था इनकार
शुरुआत में स्कूल की प्राचार्या ने आरोपों को निराधार बताया था, लेकिन जांच के दौरान सच्चाई सामने आने पर स्कूल प्रबंधन ने बच्चे को प्रवेश देने से मना करने की बात स्वीकार कर ली।
स्कूल पर जुर्माना और संचालन बंद
शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और उसके संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
अन्य स्कूलों की भी जांच शुरू
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के अन्य निजी स्कूलों की मान्यता और संचालन को लेकर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह मामला न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति के सम्मान की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

