सोशल मीडिया टिप्पणी मामले में CISF सब इंस्पेक्टर को हाईकोर्ट से राहत, वेतनवृद्धि रोकने का आदेश रद्द
बिलासपुर, 14 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में CISF के सब इंस्पेक्टर कुमार गौरव को राहत दी है। कोर्ट ने विभाग की ओर से उनकी एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही इस मामले में पारित अपीलीय और पुनरीक्षण आदेश भी रद्द कर दिए गए हैं।
महिला की पोस्ट पर टिप्पणी का था मामला
मामला वर्ष 2021 का है। विभाग के अनुसार, कुमार गौरव ने 21 जुलाई 2021 को ट्विटर पर एक महिला की उस पोस्ट पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जो महिला ने अपने पिता के निधन के बाद साझा की थी। विभाग का आरोप था कि इस टिप्पणी से महिला की भावनाएं आहत हुईं।
इसके अलावा कुमार गौरव पर CISF की वर्दी में अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर विभागीय निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया गया था। हालांकि, सब इंस्पेक्टर ने दोनों आरोपों से इनकार किया था।
विभागीय जांच के बिना रोक दी थी वेतनवृद्धि
आरोपों से इनकार किए जाने के बावजूद विभाग ने नियमित जांच कराए बिना उनकी एक वेतनवृद्धि रोकने का दंड दिया था। इसके खिलाफ कुमार गौरव ने हाईकोर्ट का रुख किया।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि जब कर्मचारी ने आरोपों को स्वीकार नहीं किया था, तब विभाग को विधिवत जांच की प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। इसमें साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत करने तथा कर्मचारी को जिरह का अवसर देने की आवश्यकता थी।
हाईकोर्ट ने सभी संबंधित आदेश किए निरस्त
हाईकोर्ट ने 11 सितंबर 2021 के दंड आदेश के साथ उसके आधार पर जारी किए गए अपीलीय और पुनरीक्षण आदेशों को भी रद्द कर दिया। कोर्ट ने कुमार गौरव की याचिका स्वीकार कर ली।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि हाईकोर्ट के आदेश में सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के वास्तविक शब्दों का उल्लेख नहीं किया गया है।











