45 करोड़ के निवेश का झांसा देकर उद्योगपति से 1.13 करोड़ की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह की दो महिला आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 7 अगस्त। रायपुर पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बालोद जिले के उद्योगपति से 1 करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक स्थित ग्राम बोरिदकला निवासी उमेश कुमार सिन्हा, सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। वर्ष 2026 में कंपनी विस्तार और नए प्लांट के लिए उन्हें करीब 45 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता थी। इसी दौरान आरोपियों ने खुद को बड़े निवेशकों और प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताकर फंड उपलब्ध कराने का झांसा दिया।

आरोपियों ने उद्योगपति को चेन्नई और नागपुर बुलाकर बड़े अधिकारियों से मुलाकात, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा मंजूरी और विदेशी तकनीक का हवाला देकर उनका विश्वास जीता। इसके बाद तथाकथित ‘ब्लैक मनी वॉश’ तकनीक का प्रदर्शन कर विशेष केमिकल और विदेशी प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 1.13 करोड़ रुपये ठग लिए।

पीड़ित की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त जांच शुरू की। मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस नागपुर पहुंची, जहां से कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (24) निवासी कोलकाता और दीपिका पालीवाल (24) निवासी उदयपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नागपुर, लखनऊ सहित कई राज्यों में निवेश और फंड रिलीज कराने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। रायपुर पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय कर गिरोह के नेटवर्क और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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