
अंबिकापुर पटाखा दुकान आगकांड : संचालक समेत 2 पर FIR, 55 घंटे बाद भी सुलगती रही आग
अंबिकापुर, 25 अप्रैल 2026। शहर में मुकेश प्लास्टिक-पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान संचालक मुकेश अग्रवाल और उनके करीबी रिश्तेदार प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह रिपोर्ट पड़ोसी प्रफुल्ल पांडेय की शिकायत पर दर्ज की गई, जिनका मकान भी आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।
कोतवाली थाने में मामला दर्ज
कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 125, 270 और 287 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भारी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था, जिससे आग लगने के बाद भीषण विस्फोट हुए और आसपास के घरों को नुकसान पहुंचा।
55 घंटे बाद भी सुलगती रही आग
घटना के बाद आग पर काबू पाने के बावजूद बिल्डिंग के अंदर करीब 55 घंटे तक आग सुलगती रही। तीन मंजिला इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गिरने की कगार पर पहुंच गई है, जिससे आसपास के लोग अब भी दहशत में हैं।
कैसे लगी आग?
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर राम मंदिर के सामने स्थित गली में दुकान की ऊपरी मंजिल पर गैस वेल्डिंग के दौरान प्लास्टिक और थर्मोकोल में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया।
- लाखों रुपए का प्लास्टिक और पटाखा स्टॉक जलकर राख
- आसपास के 6 मकान भी आग की चपेट में आए
- इमारत दो कॉलम पर खतरनाक स्थिति में खड़ी
फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
आग बुझाने के लिए दरिमा एयरपोर्ट, अडानी माइंस और SECL विश्रामपुर की फायर ब्रिगेड टीमों ने संयुक्त रूप से घंटों मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
जांच के लिए बनी स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम, सीएसपी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त जांच टीम गठित की है, जो 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस घटना को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपकर FIR की मांग की थी और मंत्री राजेश अग्रवाल के उस बयान की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इमारत में पटाखे नहीं थे।
हालांकि, घटना के दौरान सामने आए वीडियो में बड़े पैमाने पर पटाखों के विस्फोट होते हुए देखे गए हैं,


