अमेरिका का ईरान पर हमला, जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें
लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव; जॉर्डन ने 8 मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया
अंतरराष्ट्रीय। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इन लॉन्चरों के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहे थे।
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में स्थित किंग हुसैन और अल-अज्राक अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।
जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 8 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी बताया गया कि लगभग सभी आने वाली मिसाइलों को रोक लिया गया।
लारक द्वीप क्यों महत्वपूर्ण है?
लारक द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरानी लॉन्चरों से समुद्री बारूदी सुरंगें दागे जाने की तैयारी की जा रही थी, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।
कई हफ्तों बाद फिर आमने-सामने अमेरिका-ईरान
यह कार्रवाई जुलाई के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली ज्ञात सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है। इसके बाद ईरान का जवाबी मिसाइल हमला दोनों देशों के बीच तनाव के फिर से बढ़ने का संकेत है। क्षेत्र में आगे और सैन्य कार्रवाई की आशंका बनी हुई है।
फिलहाल दोनों पक्षों के हमलों को लेकर दावे अलग-अलग हैं और नुकसान व हताहतों की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है।












