एलॅन्स पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय गणित दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित

दिनेश दुबे
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एलॅन्स पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय गणित दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित
बेमेतरा : —- एलॅन्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा में गणितीय प्रतिभा के धनी श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के अवसर पर विद्यालयीन बाल वैज्ञानिक तथा बाल कलाकारों के द्वारा विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष कमलजीत अरोरा ने कहा कि ’’गणित दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानवता के विकास के लिए गणित के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। देश के युवा पीढ़ी के बीच गणित सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को विकसित करने तथा सदैव उत्साहित मन से अपनी ऊर्जा को विशलेषण और खोज पूर्ण अनुसंधनात्मक प्रविधियों में लगाने हेतु प्रेरित करना, ताकि उनका रूझान और रूचि गाणित के प्रति स्वाभाविक रूप से हो जाए और दैनिक जीवन में घटित घटनाओं को आसानी से समझ व पढ़ सके। पूरा विश्व उनकी खोज से चमत्कृत है। और उनके योगदान का ऋणी रहेगा। ’’
प्राचार्य डॉ सत्यजीत होता ने कहा कि ’’गणित एक शास्त्र है, गणित ऐसी विद्याओं का समूह है जो संख्याओं, मात्राओं, परिमाणों, रूपों और उनके आपसी रिश्तों, गुण, स्वभाव इत्यादि का अध्ययन कराती है। गणित एक अमूर्त या निराकार और निगमनात्मक प्रणाली है।गणित हमारी सभ्यता एवं संस्कृति का दर्पण है। गणित राष्ट्रीयता एवं अतंर्राष्ट्रीयता का पाठ पढ़ाने एवं भावना को विकसित करने में सहयोग करती है। गणित नैतिक मूल्यों सच्चाई, ईमानदारी, नेतृत्व, शुद्धता, धर्म, आत्मविश्वास इत्यादि को विकसित करती है। गणित व्यक्ति की मानसिक शक्तियों का विकास करती है।                     जैसे मोरों में शिखा और नागों में मणि का स्थान सबसे ऊपर हैं, वैसे ही वेदांग और शास्त्रों में गणित शास्त्र का स्थान सबसे ऊपर है। गणित के विषय में रूचि को जगाने के लिए छात्रों में प्रश्न पूछने की ललक पैदा करने के लिए गणित के शिक्षकों को प्रोत्साहित किया। गणित को खेल एवं दैनिक जीवन में उपयोग हेतु प्रयोग कराकर व छात्रों में उत्याह के साथ गणित सीखने का प्रयास करने की जिज्ञासा उत्पन्न करने की सलाह दी। वैसे तो गणित के क्षेत्र में प्राचीन समय में आर्यभट्ट, ब्रम्हगुप्त, लीलावती, श्रीधराचार्य, भाष्कर जैसी महान विभुतियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन श्रीनिवास रामानुजन ने बहुत कम उम्र में एक स्पष्ट प्रतिभा के संकेत दिखाए। उन्होंने फ्रैक्शन , इनफाइनाइट, सीरिज, नंबर थ्योरि, मैथमेटिकल एनालिसिस आदि के बारे में उनके योगदान ने गणित में एक उदाहरण स्थापित किया। इनकी गिनती उन महान वैज्ञानिकों में की जाती है, जिन्होंने विश्व में नवीन ज्ञान को पाने और खोजने की पहल की। उन्हें गणितज्ञो का गणितज्ञ भी कहा जाता है। इन्होंने महज 12 वर्ष की उम्र में त्रिकोणमिति में महारत हासिल कर ली थी। और बिना किसी की सहायता के खूद से कई प्रमेय भी विकसित किए। उनका संख्या सिद्धान्त पर किया गया कार्य के कारण उन्हें संख्याओं का जादूगर माना जाता है। उन्हें हमारा शत् शत् नमन। ’’
इसके पूर्व माँ सरस्वती की प्रतिमा में माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात  कक्षा ग्यारहवीं के छात्रों ने गणितीय सूत्रों पर सारगर्भित भाषण दिए। श्री रामानुजन जी के जीवन को रूपायित करता नृत्य, रामानुजन मैजिक स्क्वैर, प्रश्न मंच-प्रश्नोत्तरी, गणित के विभिन्न आकृतियों को नन्हे बच्चों ने शानदार ढंग से प्रदर्शित किए। मैजिक कलेण्डर , फनी एक्ट जैसे विविध कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में गणित के प्रति रूचि जगाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्न मंच – प्रश्नोत्तरी में सहायद्री सदन प्रथम, शिवालीक सदन द्वितीय, तथा हिमालय सदन एवं अरावली सदन तृतीय स्थान अर्जित किए।
मंच का संचालन खुशी देवांगन और गरीमा अडीले कक्षा ग्यारहवी ने किया तथा आभार प्रदर्शन  टी. श्रीनिवास राव ने किया। इस कार्यक्रम को भव्य बनाने में  संदीप कुमार, के. ठाकुर, श्रीमति एस. ठाकुर, पी. नागमनी,  उमेश काले साथ ही निर्णायक  एम. के. चौहान एवं  अभिशेक शुक्ला का योगदान सराहनीय रहा।
उक्त कार्यक्रम में स्कूल डायरेक्टर  पुष्कल अरोरा ,श्रीमति रूचि अरोरा, स्कूल प्रशासक  सुनिल शर्मा,  भूपत महाराज शिक्षक – शिक्षिकाएँ तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।

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