ऑपरेशन अंकुश के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ा सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार, 5 सेकंड पहले लाइव अपडेट देने वाली बनाई थी वेबसाइट

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने गिरोह के साथ मिलकर सटोरियों को क्रिकेट सट्टा आईडी उपलब्ध कराता था और उन्हें तकनीकी सहायता देता था। आरोपी ने एक ऐसी विशेष वेबसाइट तैयार की थी, जिस पर लाइव मैच का प्रसारण सामान्य टीवी से 5 सेकंड पहले दिखाई देता था, जिससे सटोरिये बॉल-टू-बॉल सट्टेबाजी में अनुचित लाभ कमा रहे थे।

न्यू शंकरनगर स्थित मकान में साइबर टीम ने दी दबिश

एएसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में सट्टा नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि न्यू शंकरनगर में एक युवक अपने घर से विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए सट्टा आईडी बनाकर बेच रहा है। सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में टीम ने मौके पर दबिश देकर घेराबंदी की और भागने का प्रयास कर रहे युवक को दबोच लिया। आरोपी की पहचान आदर्श कुमार केशरी (28 वर्ष), निवासी न्यू शंकरनगर, शीतला मंदिर के पास, थाना कोतरारोड के रूप में हुई है।

दिल्ली और नोएडा से संचालित हो रहा था हाईटेक सट्टा सिंडिकेट

पूछताछ में आरोपी आदर्श ने बताया कि वह बी.टेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और दिल्ली की एक आईटी कंपनी में काम करता है। अक्टूबर 2025 में उसकी मुलाकात रायपुर और बिहार के दो मित्रों से हुई, जो नोएडा की आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं। इनके साथ मिलकर वह ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़ा और ‘Winbigpro’ नामक प्लेटफॉर्म के तकनीकी प्रबंधन का काम देखने लगा, जिसके बदले उसे 20% कमीशन मिलता था। इस गिरोह ने सोशल मीडिया पोस्टिंग, आईडी बिक्री और वेबसाइट क्रिएशन के लिए अलग-अलग लोगों की टीम बना रखी थी, जो रायपुर, भिलाई और बिलासपुर सहित कई महानगरों के सटोरियों को आईडी बांटते थे।

आईडी बिक्री के साथ करता था पैसों का लेन-देन, आरोपी भेजा गया जेल

आरोपी ने कुबूल किया कि वह सट्टा आईडी बेचने के साथ-साथ सटोरियों के भुगतान और विड्रॉल (निकासी) के काम में भी सहयोग करता था। वेबसाइट डेवलपमेंट में इस्तेमाल होने वाला उसका लैपटॉप दिल्ली स्थित ठिकाने पर रखा हुआ है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक सैमसंग एस-23 और एक वनप्लस मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी का कृत्य छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 7 और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत अपराध पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

कार्रवाई में इन पुलिस अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका

इस महत्वपूर्ण और हाईटेक कार्रवाई को अंजाम देने में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक नंदकुमार सारथी, ज्योत्सना शर्मा, प्रधान आरक्षक रूपराम पटेल, दुर्गेश सिंह तथा आरक्षक रविन्द्र गुप्ता, विकास प्रधान एवं मनोज पटनायक की विशेष भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि तकनीकी विशेषज्ञता का दुरुपयोग कर अपराध को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की यह कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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