
ऑपरेशन ‘आघात’ में बड़ी सफलता: जशपुर में 112 किलो गांजा जब्त, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
जशपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायगढ़ से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर जशपुर और रायगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 112 किलो 770 ग्राम गांजा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ पीछा
मिली जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल को लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा के संबलपुर से भारी मात्रा में गांजा लेकर एक कार जशपुर की ओर बढ़ रही है। वाहन के उत्तरप्रदेश तक पहुंचने की आशंका के बीच पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उसका पीछा शुरू किया और जशपुर पुलिस को अलर्ट किया गया।
नाकाबंदी के बीच कार रोकने की कोशिश
पत्थलगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। हालांकि चालक ने संकेत के बावजूद वाहन को तेज गति से भगाने की कोशिश की। पुलिस द्वारा पीछा करने पर कार अनियंत्रित होकर एक नाले में फंस गई, जिसके बाद दोनों संदिग्धों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
गांजा छिपाकर किया जा रहा था परिवहन
पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली, जिसमें पीछे की सीट के नीचे छिपाकर रखी गई बोरियों से 108 पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में कुल 112 किलो 770 ग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 54 लाख रुपये बताई गई है।
आरोपियों की पहचान और खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तरप्रदेश और बिहार के रहने वाले व्यक्तियों के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि गांजा संबलपुर (ओडिशा) से लाकर उत्तरप्रदेश ले जाया जा रहा था।
56 लाख की संपत्ति जब्त
पुलिस ने गांजा के साथ ही तस्करी में प्रयुक्त कार को भी जब्त किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 56 लाख रुपये आंकी गई है। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पूरी कार्रवाई की गई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
मामले में थाना पत्थलगांव में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(2)(C) के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस अब इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


