कथा वाचक शर्मा ने कहा जहां भागवत कथा होती है, वहां स्वयं भगवान का होता है विराजमान
बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
ग्राम लाटा में स्वर्गीय सहोद्री बाई साहू एवं राधिका बाई साहू की स्मृति में श्रीमद् भागवत कथा दौलत राम साहू एवं सौलत राम, सरपंच भुनेश्वर साहू पत्नी पूर्णिमा साहू तथा राजकुमार साहू, पत्नी चंद्रकला साहू के यहां 27 अक्टूबर से भागवत कथा आयोजित है, जो 3 नवंबर तक चलेगी। दूसरे दिन की भागवत कथा में बुधवार की सुबह से ही रुक रुक रिमझिम बारिश हो रही है। फिर भी भागवत कथा श्रवण करने वाले भक्त कथा स्थल पहुंचकर कथा का आनंद ले रहे है। जिसमें गिनदोला के कथा वाचक ललित नारायण शर्मा ने कहा कि जहां भागवत कथा होती है, वहां स्वयं भगवान विराजमान होते हैं। भागवत कथा श्रवण मात्र से ही किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। महापुरुषों को उनके आचरण से जाना जाता है।
भक्त प्रहलाद का चरित्र वर्णन करते हुए कहा कि हिरण्यकश्यप नामक दैत्य ने घोर तपस्या कर भगवान ब्रह्मा से ऐसा वरदान प्राप्त किया कि वह न दिन में, न रात में, न अंदर, न बाहर, न कोई हथियार काट सके, न आग जला सके, न नर मार सके न नारी, न पानी में डूब कर मरने का वरदान प्राप्त किया था। हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु को अपना दुश्मन मानते थे। वह निर्भय थे। हिरण्यकश्यप पुत्र प्रह्लाद को तरह-तरह की यातनाएं देने लगे जबकि भगवान हमेशा प्रह्लाद की रक्षा करते रहे। अतत: भगवान विष्णु नरसिंह का रूप धारण किया व अत्याचारी दैत्य हिरण्यकश्यप को गोधूलि बेला में वध किया था। इसी तरह महात्मा विदूर की चरित्र का भी वर्णन किया गया। भागवत कथा के दौरान गंगा बाई साहू, कुमारी बाई साहू, पुरुषोत्तम साहू, प्यारी बाई साहू, बुधु राम साहू, सतरा बाई, रामचंद साहू, विनोद सुधा साहू, भूपेन्द्र, रजनी साहू, जितेंद्र साहू, रामेश्वरी, सुमेन्द, देवी साहू, रवि साहू, आरती साहू, रोहित साहू, रिंकी, राजू सहित आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में भागवत कथा का श्रवण किया।
