कबीरधाम में बंधुआ मजदूरी से 13 बैगा बच्चों को कराया गया मुक्त

कबीरधाम, 07 मई 2026: जिले के सुदूर वन क्षेत्रों में बंधुआ मजदूरी कर रहे संरक्षित बैगा जनजाति के 13 बच्चों को मुक्त कराया गया है। बच्चों की उम्र 8 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


पशुपालन फार्म में कराया जा रहा था काम

जानकारी के अनुसार बच्चों से पशुपालन फार्म में मवेशियों की देखभाल कराई जाती थी। आरोप है कि ट्रैफिकर बच्चों के परिजनों को पैसे और बेहतर सुविधाओं का लालच देकर करीब 7-8 महीने पहले उन्हें यहां लेकर आए थे।

बच्चों से रोजाना लगभग 10 घंटे तक काम कराया जाता था और बदले में केवल 1 से 2 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे।


4 बच्चों की सूचना से खुला पूरा नेटवर्क

एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की। शुरुआत में एक पशुपालन फार्म से 4 बच्चों को मुक्त कराया गया। बाद में उन्हीं बच्चों की निशानदेही पर अन्य स्थानों पर कार्रवाई कर कुल 13 बच्चों को रेस्क्यू किया गया।


संयुक्त टीम ने चलाया अभियान

इस कार्रवाई में कबीरधाम पुलिस, चाइल्डलाइन, महिला एवं बाल विकास विभाग और AVA की टीम शामिल रही। AVA संस्था बाल अधिकारों पर काम करने वाले नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) से जुड़ी हुई है।


10 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

पुलिस ने मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।


बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू

रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को बाल संरक्षण संस्थानों में भेजा गया है। बच्चों को बाल संरक्षण समिति के समक्ष पेश कर उनके पुनर्वास, शिक्षा और देखभाल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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