दुखी मत होना मम्मी-पापा …बस इतना लिखकर फंदे पर झूल गई आठवीं की छात्रा
कोरबा।
सुबह देर तक नहीं उठी, फिर… श्री सिदार के मुताबिक प्रियांशी ने सभी लोगों ने साथ में रात को खाना खाया। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। उन्होंने बताया कि पत्नी भी टीचर है। वह पढ़ाने के लिए स्कूल चली गई, लेकिन प्रियांशी नहीं उठी। काफी समय बीतने के बाद भी जब प्रियांशी बाहर नहीं आई तो वह उसे बुलाने के लिए गए। दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने प्रियांशी को उठाने के लिए काफी आवाजें दीं, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। चुन्नी के सहारे पंखे से लटक रहा था शव दरवाजा नहीं खुलने पर अनिष्ट की आशंका से उन्होंने किसी तरह से दरवाजा खोला तो अंदर प्रियांशी का शव लटक रहा था। उसने अपनी चुन्नी से ही पंखे के सहारे फांसी लगा ली थी। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि अभी तक कि पूछताछ में पता चला है कि उसे कोई परेशानी नहीं थी। शव के पास से ही सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए कहा है कि तुम लोगों से दूर जा रही हूं, दुखी मत होना।



