कोरबा : बालको के ‘मल्हार 4.0’ में दिखी सृजनात्मकता, विरासत और बालकोनगर की खूबसूरती; दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी का सफल समापन

बालकोनगर, 10 अगस्त 2026: वेदांता समूह की कंपनी और भारत की प्रमुख एल्यूमिनियम उत्पादक कंपनी— भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित दो दिवसीय लोकप्रिय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। बालको टाउनशिप में आयोजित इस भव्य प्रदर्शनी में बालको परिवार की सृजनात्मकता, बालकोनगर की प्राकृतिक सुंदरता, प्रकृति के विविध रूपों और कंपनी की गौरवशाली विरासत को तस्वीरों के माध्यम से बेहद खूबसूरती से जीवंत किया गया। इस अनूठी प्रदर्शनी का लुत्फ कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्कूली विद्यार्थियों सहित 2,000 से अधिक दर्शकों ने उठाया।

तीन मुख्य विषयों पर आधारित थीं 280 से अधिक तस्वीरें

‘मल्हार 4.0’ में कुल तीन प्रमुख विषयों— ‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ और ‘धरा’ पर आधारित 280 से अधिक उत्कृष्ट छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इन तस्वीरों के जरिए प्रतिभागियों ने बादलों, बारिश, प्रकृति, धरती, जीवन और अपने आसपास की दुनिया को अपने अनूठे दृष्टिकोण से कैमरे में कैद किया था। प्रदर्शनी में प्रदर्शित हर एक तस्वीर ने अपनी एक अलग कहानी, अनूठी भावना और गहरा दृष्टिकोण दर्शकों के सामने रखा।

विजेताओं का सम्मान और ‘दर्शकों की पसंद’ श्रेणी

समापन समारोह के दौरान बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया।

  • प्रदर्शनी की तीनों प्रतियोगी श्रेणियों के विजेताओं का चयन एक विशेषज्ञ निर्णायक मंडल (Jury) द्वारा किया गया।
  • इस वर्ष के आयोजन का एक मुख्य आकर्षण ‘दर्शकों की पसंद’ (Viewer’s Choice) श्रेणी रही, जिसमें प्रदर्शनी देखने आए प्रत्येक दर्शक को क्यूआर (QR) कोड के माध्यम से अपनी पसंद की सर्वश्रेष्ठ तस्वीर के लिए ऑनलाइन मतदान करने का अनूठा अवसर मिला।
    इस अवसर पर सीईओ श्री राजेश सिंह ने कहा, “मल्हार में प्रदर्शित छायाचित्र बालको परिवार की असीम रचनात्मकता और उनके विविध दृष्टिकोणों का सच्चा प्रतिबिंब हैं। हमारे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। ‘मल्हार’ ने उन्हें अपनी कल्पनाशीलता को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने का बेहतरीन मंच प्रदान किया है। हमारा प्रयास रहेगा कि आने वाले वर्षों में इसे और अधिक व्यापक बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं और हितधारकों को जोड़कर इन रचनात्मक दृष्टियों को एक बड़े मंच पर साझा किया जा सके।”
    बालको की कर्मचारी एवं प्रतिभागी मिथिला प्रधान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से ‘मल्हार’ में अपनी तस्वीरें साझा कर रही हैं। इस वर्ष उनके मित्रों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे उनका यह अनुभव और भी ज्यादा खास हो गया। उन्होंने कहा कि अपनी तस्वीरों के साथ-साथ अपने दोस्तों की तस्वीरों को भी इतने सुंदर और भव्य तरीके से प्रदर्शित होते देखना उनके लिए बेहद आनंददायक पल रहा।

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण: बालको की 1965 से विकास यात्रा और कैमरों का संग्रह

इस वर्ष की प्रदर्शनी का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण बालको की समृद्ध विरासत को दर्शाने वाला विशेष फोटो संग्रह रहा।

  • विकास यात्रा: इसमें वर्ष 1965 से लेकर अब तक बालको की पूरी विकास यात्रा को दुर्लभ और ऐतिहासिक तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
  • कैमरों का अनूठा संग्रह: फोटोग्राफी के बदलते दौर और इतिहास से रूबरू कराने के लिए पुराने क्लासिक एनालॉग कैमरों से लेकर आज के आधुनिक डिजिटल कैमरों तक का एक विशेष संग्रह भी लगाया गया था। कैमरों की इस ऐतिहासिक यात्रा ने दर्शकों को तकनीक में आए बदलाव और फोटोग्राफी के विकास को बेहद करीब से समझने का शानदार अवसर दिया।
    ‘मल्हार 4.0’ ने केवल एक सामान्य फोटोग्राफी प्रदर्शनी के रूप में ही नहीं, बल्कि बालको परिवार की सृजनात्मकता, कलात्मक संवेदनशीलता और आपसी जुड़ाव को साझा करने वाले एक सशक्त सांस्कृतिक मंच के रूप में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है।
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