
*इस गांव के ग्रामीण लोकसभा व विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे ग्रामीण
गरियाबंद भूपेंद्र गोस्वामी आपकी आवाज
फिंगेश्वर:- ग्राम बोरसी में विगत वर्ष सन 2013 से शासकीय हाई स्कूल बोरसी में हाई स्कूल के भवन निर्माण व पेंट कर तैयार हो चुका है। ग्रामीणों एवं शाला विकास समिति ने बार बार दफ्तर व नेताओ के चक्कर काट-काट के थक गए,और अपने पास आश्वासन पावती रखा है।सभी ने आश्वासन देकर अपनी -अपनी पल्ला झाड़ दिया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा ग्राम के वरिष्ठ एवं शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि, सदस्य व ग्राम पंचायत लोग अपनी अपनी स्तर पर उन्नयन के संबद्ध में गोहार लगाके लौट रहे हैं। शाला विकास समिति अपने सभी मीटिंग यह प्रस्ताव बार बार रखा गया है पंचायत एवम् ग्रामीण बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया है। लगभग 9 वर्ष पूर्ण होने पर है किसी भी तरह के उन्नयन का आदेश नहीं आया है वहीं शाला विकास समिति के अध्यक्ष द्वारा को पूछे जाने पर बताए कि डॉ.राजकुमार ने बताया कि हमारे स्कूल उन्नयन से संबधित बहुत बार कोशिश ग्रामीण एवं विकास समिति द्वारा किए हैं और सभी का पावती हमारे पास रखे हैं वहीं विधायक प्रतिनिधि लोकनाथ यादव ने कहा कि बिल्डिंग का पेंट कर तैयार हो गया लेकिन अब यह बिल्डिंग पुराने भवन जैसा लगने लगा क्योंकि वह बच्चो का आना जाना नहीं है तो भूत बंगले जैसा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 2011 के सर्वे हिसाब से आश्रित ग्राम बहेरापाल और बोरसी गांव को मिलाकर लगभग 6000 जनसंख्या है यह हाई स्कूल नहीं होने के कारण खासकर बहने बाहर नहीं जा पाने के कारण आगे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। वहीं ग्राम विकास समिति अध्यक्ष हुमन साहू ने भी बताए कि ग्रामीण विकास समिति से लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन आश्वासन मिलने के बाद भी नहीं हो पाया है जिससे ग्रामीण लोग काफी नाराज हैं जनप्रतिंधियो से और आने वाले दिन में लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।सांसद प्रतिनिधि छन्नू साहू ने बताए कि हमारे प्रयास करने के बाद कोई रंग नहीं आ रहे हैं तो अब आने वाले दिनों में जो लोकसभा वा विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों द्वारा बहिष्कृत कर बहिष्कार करेंगे ऐसा हम ग्रामीणों का मानना है। 2021 में 167 छात्र छात्राएं और 2022 में 154 छात्र छात्राएं है। सरकार बिल्कुल हमारी समस्या का निदान नहीं किया जा रहा है इससे हमारे ग्राम के लोग खासा नाराज हैं जबतक यह हाई स्कूल उन्नयन न हो जाए तब तक लोग आने वाले समय का इंतेजार कर देख लेते हैं। और जनप्रतिनिधि का विरोध ग्रामीण में विरोध करने का निर्णय लिया गया है।



