घरघोड़ा में फ्लाई ऐश का अवैध खेल: नियमों की अनदेखी से कृषि भूमि पर संकट, प्रशासन की भूमिका पर सवाल

रायगढ़। घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम नावपारा टेड़ा में फ्लाई ऐश (राख) के अवैध डंपिंग को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। क्षेत्र में कृषि भूमि पर राख डाले जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे न केवल पर्यावरणीय नियमों के पालन पर प्रश्न उठ रहे हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है।

जानकारी के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों के तहत कृषि एवं वन भूमि पर फ्लाई ऐश डालना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके, क्षेत्र में खुले तौर पर इन नियमों की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप हैं कि संबंधित दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं का पालन केवल कागजों तक सीमित रह गया है।

प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत में अंतर

विधानसभा में प्रस्तुत किए गए मॉडल मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुसार फ्लाई ऐश के प्रबंधन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बताई गई थी। इनमें यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया था कि राख का उपयोग नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से ही हो। लेकिन नावपारा टेड़ा में स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती दिख रही है।

स्थानीय स्तर पर राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी में यह कहा गया है कि संबंधित खसरा नंबर पर आवश्यक स्वीकृतियों के बाद कार्य किया जा रहा है। हालांकि, आसपास की कृषि भूमि पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।

जांच प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

क्षेत्रीय स्तर पर की गई जांच और रिपोर्टिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान आसपास की फसलों और कृषि गतिविधियों का उल्लेख रिपोर्ट में नहीं किया गया। इस पर स्थानीय लोगों का कहना है कि वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया जा रहा है।

कृषि और स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लाई ऐश के अनियंत्रित उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इससे भूमि की उर्वरता घटने की आशंका रहती है। साथ ही, हवा में उड़ने वाले महीन कण ग्रामीणों के स्वास्थ्य, विशेषकर श्वसन तंत्र, के लिए भी हानिकारक साबित हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर पहले खेती होती थी, वहां अब राख का जमाव बढ़ता जा रहा है। इससे आजीविका पर असर पड़ने के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है।

कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों से जांच और उचित कार्रवाई की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फिलहाल, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

Back to top button