
मेरठ. जिले में शनिवार को किसान मजदूर संगठन की महापंचायत में कुछ ऐसे मुद्दे उठे जिन्होंने सभी को चौंका दिया. मेरठ कमिश्नरी पर आयोजित किसानों की महापंचायत में एक ऐसा मुद्दा भी उठा जो चर्चा का विषय बन गया. एक किसान ने कहा कि घरवाली क्रीम-पाउडर की मांग करती है, उसे कहां से लोकर दें. वहीं एक किसान ने कहा कि घर का चूल्हा जलना ही मुश्किल होता जा रहा है. किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि मसले को कई है. किसी के चूल्हे की समस्या है तो कहीं क्रीम पाउडर की. वहीं गन्ना मूल्य का भुगतान, युवाओं को नौकरी और बुजुर्गों को पेंशन जैसे कई मुद्दे हैं.
उन्होंने कहा कि आगामी 7 अक्टूबर को हर जिले में किसान डीएम को ज्ञापन देंगे, 11 अक्टूबर को एक और महापंचायत मेरठ कमिश्रनरी पार्क में होगी. ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद ही उनका धरना समाप्त होगा.
नहीं रद्द हो कृषि कानून
मेरठ में किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में किसान लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. इनका कहना है कि जो कानून देश की संसद में बना हो वो रद्द नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे गलत परम्परा शुरू हो जाएगी. सिंह का कहना है कि कृषि कानून में संशोधन हो न कि वो रद्द हो. ठाकुर पूरन सिंह ने राकेश टिकैत को स्वार्थी कहा, साथ ही मांग कि उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखने का समय दिया जाए. उल्लेखनीय है कि सहारनपुर कमिश्रनरी से पदयात्रा करते हुए ये किसान दिल्ली राजघाट के लिए रवाना हुए थे. लेकिन अचानक उनका प्रोग्राम बदल गया और वो मेरठ कमिश्रनरी चौराहे पर ही धरना देने लगे.
क्या हैं मांगे
- किसानों के सभी ऋण माफ किए जाएं.
- गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए. गन्ने का बकाया ब्याज के साथ दिया जाए.
- किसानों को सभी कृषि यंत्र बिना टैक्स के दिए जाएं.
- किसानों की सिंचाई के लिए बिजली फ्री की जाए.
- प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी लिखकर दे.
- स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुरुप किसान आयोग का गठन किया जाए.
- बुज़ुर्ग किसानों को पचास वर्ष की आयु के पश्चात छह हजार रुपये किसान मजदूर सहायता पेंशन दी जाए.
- वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना हो. वेस्ट यूपी में एम्स की स्थापना हो.
- बागपत शुगर मिल का दोहरीकरण हो.
- घरेलू बिजली बिलों को दो सौ रुपए प्रति माह की दर से प्रारम्भ करें.
- स्नातक बेरोजगार तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पंद्रह हजार रुपये दिए जाएं.




