
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, झारखंड कनेक्शन और UPI पेमेंट से मिले अहम सुराग
कोलकाता, 11 मई 2026: पश्चिम बंगाल में चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच में अब इस हत्याकांड के तार झारखंड से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार वारदात में इस्तेमाल की गई कार झारखंड से पश्चिम बंगाल लाई गई थी और हमलावरों ने पहचान छिपाने के लिए उसकी नंबर प्लेट बदल दी थी।
UPI पेमेंट बना जांच की अहम कड़ी
जांच एजेंसियों के मुताबिक कातिलों ने बाली टोल प्लाजा पार करते समय फास्टैग या नकद भुगतान की बजाय UPI के जरिए पेमेंट किया था। यही डिजिटल ट्रांजैक्शन अब SIT के लिए महत्वपूर्ण सुराग बन गया है।
पुलिस बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों की असली पहचान तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
7 घंटे तक गायब रही संदिग्ध कार
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार संदिग्ध कार को दोपहर करीब 3 बजे मध्यमग्राम क्रॉसिंग और उससे पहले बेलघरिया एक्सप्रेस-वे पर देखा गया था।
हालांकि इसके बाद करीब 6 से 7 घंटे तक कार का कोई सुराग नहीं मिला। जांच एजेंसियों को शक है कि इस दौरान हमलावर इलाके की रेकी कर रहे थे और भागने के रास्तों का निरीक्षण कर रहे थे।
55 सेकेंड में अंजाम दी गई हत्या
पुलिस के अनुसार यह पूरी वारदात बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई। हमलावरों को पहले से जानकारी थी कि चंद्रनाथ रथ अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो की अगली सीट पर बैठे हुए हैं।
एक सिल्वर रंग की कार ने उनकी गाड़ी को रोका और पीछे से आए बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग कर दी। पूरी घटना महज 55 सेकेंड में अंजाम दी गई।
कम से कम 8 लोगों की संलिप्तता की आशंका
SIT को संदेह है कि इस साजिश में कम से कम 8 लोग शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने रेकी और रसद में मदद की, जबकि शूटर बाहरी राज्यों से बुलाए गए थे।
इसी आधार पर पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश और बिहार भेजी गई हैं। फिलहाल 3 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


