छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर नक्सलियों का बड़ा हथियार भंडार बरामद, भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त

आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना पर कार्रवाई, जंगल में छिपाकर रखा गया था डंप

[img-slider id="274450"]

मलकानगिरी/सुकमा। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली अहम सूचना के आधार पर ओडिशा पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर नक्सलियों के एक बड़े हथियार और विस्फोटक डंप का खुलासा किया है। संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, आईईडी, ग्रेनेड और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है।


जंगल में चलाया गया सघन तलाशी अभियान

मलकानगिरी जिला पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स (DVF) की टीम ने सोमवार तड़के सिलाकोटा, परवासी और केसाकुड़ा के घने जंगलों में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया।

यह क्षेत्र ओडिशा के मलकानगिरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है, जिसे नक्सल गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।


सुबह मिली बड़ी सफलता

तलाशी अभियान के दौरान सुबह करीब 5:45 बजे जवानों को जंगल में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का एक बड़ा डंप मिला। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर गहन तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।


तीन स्टेन कार्बाइन समेत कई हथियार जब्त

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कब्जे से—

  • 3 स्टेन कार्बाइन
  • 1 देसी पिस्तौल
  • 1 एसबीएमएल गन
  • 1 बारह बोर बंदूक
  • 4 आईईडी
  • 20 यूबीजीएल ग्रेनेड
  • 53 कारतूस
  • स्नाइपर टेलीस्कोप

सहित अन्य हथियार और सैन्य सामग्री बरामद की है।


विस्फोटक बनाने का सामान भी मिला

बरामद डंप में वायर, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी शामिल है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह सामग्री नक्सलियों द्वारा भविष्य में सुरक्षा बलों पर हमले और अन्य गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखी गई थी।


सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी

अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मानी जा रही है। हथियारों और विस्फोटकों का इतना बड़ा जखीरा मिलने से नक्सलियों की योजनाओं को बड़ा झटका लगा है।


जारी है सर्च ऑपरेशन

सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई है कि जंगल के अन्य हिस्सों में भी हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे गए हो सकते हैं। इसी वजह से पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखा गया है।

सुरक्षा बल लगातार इलाके की निगरानी कर रहे हैं और संदिग्ध ठिकानों की जांच की जा रही है।


आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना बनी अहम

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों द्वारा उपलब्ध कराई गई खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई संभव हो सकी। हाल के वर्षों में आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचनाओं के जरिए सुरक्षा बलों को कई महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं।


नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार चल रहे अभियान और आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं से नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। हथियारों और विस्फोटकों की यह बरामदगी भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

Back to top button