छत्तीसगढ़ में कोयला और शराब घोटाले की जांच तेज, ईओडब्ल्यू-एसीबी की छह शहरों में छापेमारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित कोयला लेवी और शराब घोटाले से जुड़े मामलों की जांच तेज हो गई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीमों ने प्रदेश के छह शहरों में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। जांच एजेंसियां इन मामलों से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

कोयला लेवी मामले में जांच का दायरा बढ़ा

कोयला लेवी मामले में जांच एजेंसियां कथित अवैध वसूली और उससे जुड़े पैसों के लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही हैं। आरोप है कि कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम वसूली जाती थी।

इस मामले में ईओडब्ल्यू पहले भी कई पूरक आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर चुकी है। हाल ही में दाखिल छठे पूरक आरोप पत्र में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये से अधिक के वसूली नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन का उल्लेख किया है।

शराब घोटाले में भी चल रही जांच

छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में भी जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जांच का केंद्र शराब के उत्पादन, परिवहन और बिक्री में कथित अनियमितताओं तथा कमीशन के लेनदेन से जुड़े मामले हैं।

ईओडब्ल्यू और एसीबी ने 14 अक्टूबर को इस मामले में 20 व्यक्तियों और 22 कंपनियों के खिलाफ दसवां पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। लगभग 27 हजार पृष्ठों के इस आरोप पत्र में कथित अवैध शराब बिक्री, कमीशन और पैसों के लेनदेन से जुड़े विवरण शामिल हैं।

डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल

जांच एजेंसियां दोनों मामलों में बैंक खातों, संपत्तियों, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य कथित वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी और उसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

इन मामलों में पहले भी कई गिरफ्तारियां और संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि, छापेमारी के दौरान छह शहरों में किन-किन ठिकानों पर कार्रवाई हुई और क्या-क्या बरामद किया गया, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद इन मामलों से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकता है।

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