छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; किसानों की बढ़ी चिंता

रायपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद यह तूफान कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदल गया है। 29 अक्टूबर 2026 को इसका केंद्र दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों के निकट रहा। इसके उत्तर दिशा में आगे बढ़ते हुए और कमजोर होने की संभावना है। इसके बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

बस्तर से सरगुजा तक बारिश की संभावना

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इनमें बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा शामिल हैं। वहीं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, धमतरी, गरियाबंद और रायपुर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा

चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। लोगों को मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की फसल पकने और कटाई के दौर में होने के कारण बारिश से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि पकी हुई धान की फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित स्थान पर रखें। पहले से काटकर खेतों में रखी फसल को भीगने से बचाने के लिए उचित व्यवस्था करें। साथ ही खेतों में जलभराव रोकने और मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने पर ध्यान दें।

30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम?

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बिलासपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी रह सकती है।

फिलहाल चक्रवात कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से मौसम में बदलाव जारी रह सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की ताजा जिला-वार चेतावनियों का पालन करें और तेज बारिश, बिजली तथा जलभराव के दौरान सतर्क रहें।

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