
कोरिया। दो दिवसीय चिंतन शिविर का आज अंतिम दिन था और खास गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस शिविर में बतौर वक्ता पहुँचे एक वरिष्ठ नेता जो कि इन दिनों एक बोर्ड के चेयरमेन हैं, उन्होंने राज्यसभा के लिए आयातित प्रत्याशियों का मुद्दा उठाया और यह कहा कि “हैरान करने वाला मसला है, हम सब कार्यकर्ता ना केवल इस फ़ैसले से बल्कि चयनित चेहरों पर भी हैरान हैं। हम सभी कार्यकर्ता राज्य में सत्तर सीटें इकहत्तर सीटें जीतते हैं, पूरी ताक़त झोंकते हैं, रात दिन अथक संघर्ष करते हैं, क्या ऐसे नतीजे के लिए? एक तरफ़ छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता हैं जो सत्तर इकहत्तर सीटें जीता रहे हैं, और दूसरी तरफ़ वे लोग राज्यसभा के पात्र बन रहे हैं जिनके प्रदेश से कुल दो विधायक जीत पाए हैं, उस राज्य से तीन लोग को राज्यसभा की पात्रता कैसे”
मंच से संबोधन देते हुए उक्त वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा
“छत्तीसगढ़ी अस्मिता संस्कृति की बात करते हुए हम मैदान में हैं, हम याने मेरे सहित सभी कार्यकर्ता नतीजे दे रहे हैं, जो सामने हैं, और राज्यसभा में आँकड़े क्या हैं, छत्तीसगढ़ी एक चेहरा ही है राज्यसभा में..मैं आग्रह करता हूँ आलाकमान तक ये बात सुस्पष्ट तरीक़े से पहुँचाई जाए”
जबकि यह विषय मंच से कहा गया, उस वक्त प्रदेश संगठन प्रभारी पी एल पुनिया,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री टी एस सिंहदेव,मंत्री रविंद्र चौबे, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत सभी लोग मौजूद थे।




