छत्तीसगढ़ में फरवरी में ही लोगों का गर्मी से बुरा हाल, जानिए क्या है इसकी वजह

Chhattisgarh:

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फरवरी महीने के अंतिम दिनों में पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ने लगी है. छत्तीसगढ़ के मैनपाट के बाद सबसे ठंडा इलाका माने जाने वाले बस्तर में रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई है. बस्तर के लोग ठंडे जूस और कोल्ड्रिंक्स की दुकानों पर जमा हो रहे हैं.

दरअसल हर साल बस्तर में मार्च के दूसरे सप्ताह के बाद गर्मी बढ़ती है, लेकिन इस बार फरवरी माह खत्म भी नहीं हुआ और बस्तर में गर्मी शुरू हो चुकी है. मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक अब बस्तर में तेजी से गर्मी बढ़ती जाएगी, इधर छत्तीसगढ़ के केवल रायपुर में ही नहीं बल्कि बस्तर जिला समेत संभाग के अन्य जिलों में भी गर्मी शुरू हो गई है, सुकमा, बीजापुर में भी गर्मी शुरू हो चुकी है.

जानें क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि हवा में नमी आने की वजह से अनुमान लगाया जा रहा था कि बस्तर में भी बारिश हो सकती है. वहीं शनिवार को तेज हवा के साथ बादल भी छाए रहे और कुछ इलाकों में बारिश की भी संभावना थी, लेकिन रविवार सुबह से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. मौसम विज्ञानी ने बताया कि सुबह 11 बजे दर्ज तापमान के मुताबिक बस्तर में 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है, अब बस्तर में तेजी से गर्मी बढ़ती जाएगी, वहीं बस्तर जिले के अलावा सुकमा, बीजापुर ,दंतेवाड़ा और कोंडागांव में भी गर्मी बढ़ेगी.

जानें बुद्धिजीवियों ने क्या बताई गर्मी बढ़ने की वजह? 

इधर बस्तर के बुद्धिजीवियों का मानना है कि जिस तरह से पिछले कुछ सालों में बस्तर में तेजी से वनों की कटाई हुई है, उससे लगातार हर साल गर्मी बढ़ती ही जा रही है, प्रदेश में बस्तर को सबसे ठंडी जगह माना जाता है. बस्तर चारो ओर घने वनों से घिरा हुआ है, लेकिन बीते 2 सालों में जिस तरह से गर्मी तेजी से बढ़ रही है ऐसे में आने वाले दिनों में बस्तर वासियों का गर्मी से बुरा हाल होना निश्चित है, फिलहाल इधर बस्तरवासी भी अभी से ही बचने के लिए कोल्डड्रिंक्स पी रहे हैं. बस्तर के बाद सबसे अधिक तापमान राजधानी रायपुर में 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, वहीं बिलासपुर में 29 डिग्री सेल्सियस व दुर्ग में 28 डिग्री सेल्सियस, राजनांदगांव में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसके अलावा अम्बिकापुर में 18 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.

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