छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, विपक्ष ने उठाए सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने का फैसला लिया है। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जिसके सदस्य मुख्यमंत्री द्वारा चयनित किए जाएंगे।


राजनीतिक बयानबाजी तेज

सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि यदि सर्वसम्मति से UCC लागू किया जाता है तो स्वीकार्य होगा, लेकिन बिना व्यापक चर्चा के इसे लागू करने पर विरोध किया जाएगा।


“राजनीतिक लाभ के लिए फैसला”

टी.एस. सिंहदेव ने आरोप लगाया कि यह निर्णय समान कानून लागू करने के बजाय राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से लिया गया है। उनका कहना है कि सभी वर्गों से चर्चा नहीं की गई।


अल्पसंख्यकों को लेकर चिंता

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सलाम रिजवी ने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं और यह फैसला कुछ विशेष वर्गों के खिलाफ प्रतीत होता है। उन्होंने संविधान की भावना के विपरीत कदम बताया।


ईसाई समुदाय ने भी जताई आपत्ति

क्रिश्चियन सोसायटी के अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने कहा कि “एक देश, एक कानून” सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन इसके जरिए अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की आशंका है।


सरकार की ओर से समिति गठन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि UCC लागू करने के लिए समिति बनाई जाएगी, जो विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन कर सुझाव देगी।


इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।

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