
छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी: क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड और क्या बदलेगा?
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो इसका प्रारूप तैयार करेगी।
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)?
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब है देश या राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होना। इसमें विवाह, तलाक, गोद लेना, संपत्ति और भरण-पोषण जैसे पारिवारिक मामलों में धर्म के आधार पर अलग-अलग कानून खत्म होकर एक समान नियम लागू होंगे।
संविधान में क्या है प्रावधान?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को निर्देश दिया गया है कि वह सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करे। इसका उद्देश्य कानून को सरल, समान और न्यायसंगत बनाना है।
अभी क्या व्यवस्था है?
वर्तमान में भारत में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। जैसे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के विवाह, तलाक और संपत्ति से जुड़े नियम अलग-अलग हैं।
UCC लागू होने पर क्या बदलेगा?
- विवाह, तलाक, गोद लेना और संपत्ति के नियम सभी के लिए एक समान होंगे।
- एक से अधिक शादी (बिना तलाक) की अनुमति नहीं होगी।
- संपत्ति और उत्तराधिकार में समान अधिकार सुनिश्चित होंगे।
- धर्म आधारित अलग-अलग कानून समाप्त हो जाएंगे।
क्या नहीं बदलेगा?
- धार्मिक परंपराएं और रीति-रिवाज प्रभावित नहीं होंगे।
- पूजा-पाठ, इबादत, खान-पान और वेशभूषा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- शादी की रस्में (पंडित, मौलवी आदि) पहले की तरह जारी रहेंगी।
सरकार क्यों ला रही है UCC?
सरकार का मानना है कि अलग-अलग कानूनों के कारण न्याय प्रक्रिया जटिल होती है और असमानता पैदा होती है। UCC लागू होने से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेगा और कानूनी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व सरल होगी।
अब समिति विभिन्न वर्गों से सुझाव लेकर UCC का ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसके बाद इसे विधिक प्रक्रिया के तहत लागू किया जा सकता है।

