रायगढ़, छत्तीसगढ़। सोशल मीडिया पर महिलाओं की 18 विभिन्न फेक आईडी बनाकर लोगों को गुमराह करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
रायगढ़ के एसपी संतोष सिंह ने ट्विटर पर जानकारी शेयर की है। संतोष सिंह ने लोगों से अपील भी कि कोविड संकट में अफवाह न फैलाएं और इससे दूर रहें। यह अपराध है।
बता दें कि रायगढ़ जिले में कोरोना संक्रमितों के मिलने का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इसके बचाव के लिये सबको वैक्सीन की डोज लेनी चाहिए। यह कोरोना से लड़ने में कारगर है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का भी टीकाकरण प्रारंभ कर दिया गया है। वैक्सीन को लेकर सोशल साइट्स पर कुछ पर्चे प्रचारित किये जा रहे हैं, जिसमें बिन्दुवार लिखा गया है कि टीके लगाने से नुकसान हो सकता है, जो कि बिल्कुल अप्रामाणिक व गलत है। जनसामान्य से अपील की जाती है कि वे इस तरह की भ्रामक जानकारियों व भ्रांतियों से दूर रहें।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.केशरी ने बताया कि वैक्सीनेशन होने के बाद हमारे शरीर की (इम्युनिटी पावर)रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जो हमारे लिये फायदेमंद होती है। वैक्सीनेशन लगाने के बाद भी यदि कोरोना से संक्रमित हुये तो स्थिति गंभीर होने की संभावना न्यूनतम हो जाती है। वैक्सीन लगवाने वालों पर वायरस का प्रभाव कम होता है तथा संक्रमित व्यक्ति से दूसरों में संक्रमण फैलने की वैक्सीन किसे नहीं लगवाना है इसकी भ्रामक जानकारी से बचें
सोशल साइट्स के जरिये शेयर किये जा रहे पर्चे में लिखा है कि अविवाहित युवतियों को वैक्सीन लगवाने पर शादी के बाद उन्हें संतानहीनता की समस्या हो सकती है?सीएमएचओ डॉ.केशरी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोना वायरस के संबंध में समय-समय पर गाइड लाइन जारी की जा रही है। जिसमें कहीं भी ऐसा नहीं लिखा है कि अविवाहित युवतियों को वैक्सीन से बचना चाहिये या इससे प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद हल्के बुखार, दर्द और एलर्जी जैसे छोटे-मोटे साइड इफेक्ट तो हो सकते हैं, लेकिन इसके प्रजनन क्षमता प्रभावित करने की बात सही नहीं है।इसी प्रकार जिन लोगों को कभी निमोनिया, अस्थमा या ब्रॉन्काइटिस जैसी श्वसन तंत्र संबंधी बीमारियां रह चुकी है हो, उन्हें वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिये। इससे उनकी मौत भी हो सकती है?
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय ने श्वसन तंत्र संबंधी बीमारियों के मरीजों को वैक्सीन लेने से न रोका है, न हीं ऐसा कोई शोध सामने आया है, जिन कंपनियों की वैक्सीन वर्तमान में लगाई जा रही है, उन्होंने भी ऐसी कोई बात नहीं कहीं है। जबकि बताया गया है कि फेफड़े की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है। शराब, सिगरेट, तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों को कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए, इससे उन्हें कैंसर हो सकता है, यह बात भी लिखी गयी है इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात का उल्लेख किया है कि कोरोना वैक्सीन लेने से कुछ वक्त पहले और कुछ वक्त बाद तक शराब नहीं पीनी चाहिए। लेकिन ऐसा अब तक किसी शोध में नहीं कहा गया है कि जो लोग शराब, सिगरेट या तंबाकू का सेवन करते है, उन्हें कोरोना वैक्सीन लगवानी हीं नहीं चाहिये।