छत्तीसगढ़ PSC भर्ती में पारदर्शिता पर सवाल, पूर्व विधायक छाबड़ा बोले- 187 योग्य अभ्यर्थियों को किया बाहर

*PSC पर बड़ा सवाल: 795 की जगह 608 को ही इंटरव्यू कॉल, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ – आशीष छाबड़ा*
*उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में धांधली, समान जवाब पर अलग-अलग नंबर: कांग्रेस ने PSC को घेरा*
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर कठघरे में है। जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर सरकार और आयोग पर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि PSC की पूरी कार्यप्रणाली अपारदर्शी है और अभ्यर्थियों की शिकायतों को अनसुना कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
*265 पद, 795 की जगह सिर्फ 608 को बुलावा*
छाबड़ा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों में PSC के खिलाफ प्रेस वार्ता की जा रही है। वर्ष 2025 में PSC ने 265 पदों के लिए विज्ञापन निकाला था। नियम के अनुसार मुख्य परीक्षा के बाद पदों के तीन गुना यानी 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना था, लेकिन आयोग ने केवल 608 अभ्यर्थियों को ही कॉल किया।

उन्होंने कहा – “187 अभ्यर्थियों को सीधे इंटरव्यू से बाहर कर दिया गया। आयोग कह रहा है कि वे न्यूनतम अर्हता अंक नहीं लाए, लेकिन किस आधार पर उन्हें बाहर किया, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। जबकि अभ्यर्थी खुद दावा कर रहे हैं कि उन्होंने क्वालीफाइंग मार्क्स हासिल किए हैं। आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी ही होगी।”
*उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर गंभीर सवाल*
प्रेस वार्ता में छाबड़ा ने 2024 की मुख्य परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया।
“समान और सही उत्तर पर अलग-अलग अंक दिए गए हैं, तो कहीं गलत उत्तर पर भी नंबर बांटे गए हैं। यह मूल्यांकन नहीं, मजाक है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया –
प्रश्न क्रमांक 5 में दो अभ्यर्थियों ने बिल्कुल समान और सही उत्तर लिखा, फिर भी एक को 2 में से 0 और दूसरे को 2 में से 2 अंक दे दिए गए।
भक्ति माता से संबंधित प्रश्न में एक अभ्यर्थी के सही जवाब पर 8 में से सिर्फ 3.5 अंक मिले, जबकि दूसरे के गलत जवाब पर भी अंक दे दिए गए।
होम रूल लीग की स्थापना वाले प्रश्न में भी यही हुआ – एक सही उत्तर पर 4 में से 2.5 और एक गलत उत्तर पर भी 4 में से 2.5 अंक।
कांग्रेस की 4 बड़ी मांगें
पूर्व विधायक ने मांग की कि जब तक शिकायतों का निराकरण नहीं होता, साक्षात्कार प्रक्रिया तत्काल स्थगित की जाए।

1. इंटरव्यू से पहले सभी कॉपियां सार्वजनिक हों।
2. इंटरव्यू में चयनितों के अलावा बाकी सभी अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं निःशुल्क दी जाएं।
3. मूल्यांकनकर्ताओं के स्पष्ट मापदंड तय हों और मॉडल आंसर जारी किए जाएं।
4. सभी कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कर 1:3 के अनुपात का सख्ती से पालन किया जाए।

छाबड़ा ने कहा, “यह किसी पार्टी का मुद्दा नहीं, यह उन हजारों युवाओं के भविष्य का सवाल है जो सालों मेहनत करके परीक्षा देते हैं। सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करे ताकि किसी युवा के साथ अन्याय न हो।”

प्रेस वार्ता में ललित विश्वकर्मा, मंगत साहू, प्रांजल तिवारी, मिथलेश वर्मा, सुमन गोस्वामी, झम्मन बघेल, मनोज शर्मा, जावेद खान, मोहित वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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