छाल से एडू मार्ग की बदहाली पर फूटा गुस्सा: भूमिपूजन के 5 दिन बाद भी काम शुरू नहीं, वर्कऑर्डर का बहाना खत्म होने के बाद भी जनता भगवान भरोसे
कुड़ेकेला :- रायगढ़ जिले के छाल से एडू मार्ग की बदहाली पर प्रशासनिक उदासीनता और ठेकेदार की मनमानी अब चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। जिस स्टेट हाईवे के नवीनीकरण और निर्माण को लेकर कुछ ही दिन पहले ढोल-नगाड़े बजाकर भूमिपूजन का नाटक रचा गया था, वहां आज पांच दिन बीत जाने के बाद भी गिट्टी या मिट्टी का एक ढेला तक नहीं गिराया गया है।
हालत यह है कि भूमिपूजन के नाम पर हुआ वह वीवीआईपी कार्यक्रम पहले ही कार्यकर्ताओं और जनता की बेरुखी का शिकार होकर महज चंद लोगों तक सिमट गया था, जिससे डबल इंजन सरकार की खासी फजीहत हुई थी। लेकिन इस किरकिरी के बाद भी न तो जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की नींद टूटी और न ही ठेकेदार पर कोई असर पड़ा है।
तालाबनुमा गड्ढे बने मौत का कुआं, हादसों को खुला निमंत्रण
भूमिपूजन के समय विभागीय अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि छाल से एडू के बीच बने खतरनाक और जानलेवा तालाबनुमा गड्ढों को तत्काल भरकर सड़क को चलने लायक बनाया जाएगा। लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी धरातल पर काम का नामोनिशान तक नहीं है।
लगातार हो रही बारिश और इस मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क के गड्ढे दिन-प्रतिदिन और गहरे होते जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर राहगीरों की जिंदगी के साथ खुला खिलवाड़ है। सड़क पर दौड़ते दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक रोज हादसों का शिकार होने से बाल-बाल बच रहे हैं।
कागजी वर्कऑर्डर का बहाना खत्म, फिर भी ठप पड़ा है काम
अब तक ठेकेदार द्वारा वर्कऑर्डर न मिलने का रोना रोया जा रहा था, लेकिन अब जब सारी कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, तब भी काम पूरी तरह बंद पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या ठेकेदार इतना बेखौफ हो चुका है कि वह विभागीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों को भी ठेंगा दिखा रहा है, या फिर विभाग और ठेकेदार की किसी अंदरूनी सांठगांठ के चलते अफसर पूरी तरह लाचार बैठे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जो ठेकेदार काम की शुरुआत में ही अधिकारियों के आदेशों को नजरअंदाज कर रहा है, वह आगे चलकर कितनी गुणवत्तापूर्ण सड़क बनाएगा? कहीं यह करोड़ों रुपये की सरकारी राशि से केवल ‘थूक-पॉलिश’ कर चंद लोगों की जेबें गर्म करने का खेल तो नहीं है?
किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है विभाग?
क्षेत्र की जनता अब सीधे तौर पर सवाल पूछ रही है कि आखिर विभाग और ठेकेदार किस बड़ी अनहोनी या हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद ही पोकलेन और गिट्टी-मिट्टी से भरी गाड़ियां सड़क पर उतरेंगी?
क्षेत्रीय जनता और राहगीरों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छाल-एडू मार्ग की सुध नहीं ली गई और युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार और लापरवाह विभागीय अधिकारियों की होगी।











