जल जीवन मिशन फ्लॉप, पीने के पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

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*जल जीवन मिशन कोतरा गांव में फ्लॉप, पीने के पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण*
*कोतरा =जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर खरसिया विधानसभा में स्थित ग्राम पंचायत कोतरा में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी किल्लत हो रही है। गांव में भूतपूर्व सरपंच कुंवर यादव द्वारा गांव में पानी के टंकी का निर्माण करवाया गया था। जिसकी पाइपलाइन पूरे गांव में बिछाई गई थी। गांव के अधिकांश घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध था, जिससे सभी को पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता हो जाती थी। लेकिन कुछ महीने पहले गांव को केंद्र सरकार द्वारा संचालित महत्वकांक्षी योजना जल जीवन मिशन से जोड़ा गया। लेकिन प्रशासन द्वारा इसके लिए वर्तमान आवश्कता को देखते हुए कोई नए पानी टंकी व नई पाइपलाइन का निर्माण नहीं करवाया, बल्कि पुराने पाइपलाइन को खोंदकर पूर्व में जोड़े गए सभी नल कनेक्शन को काट दिया गया। जल जीवन मिशन के तहत नए आधुनिक तकनीक से सभी घरों में नल कनेक्शन जोड़ा गया। लेकिन नए कनेक्शन से ग्रमीणों को बहुत कम मात्रा में जल उपलब्ध हो पाती है, इसके अलावा कई बार हफ्तों व महीनों तक नल से एक बूंद पानी नहीं निकलता। जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी क़िल्लतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में जोड़े गए नल कनेक्शन में कभी भी सुचारू व नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो पाती। रही सही कसर की भरपाई गांव के सरपंच अपनी निष्क्रियता से कर देते है, ग्रामीणों की पानी के पीने से हो रही किल्लत से सरपंच भलीभांति ज्ञात है, लेकिन ग्रामीणों की समस्या को सरपंच उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से अवगत कराने में असक्षम नजर आते है। कोतरा गांव जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल व उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल का क्षेत्र है, बड़े नेताओं की क्षेत्र में उपस्थिति होने के बावजूद ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। जो जनप्रतिनिधियों के लिए शर्म का विषय है, इसके अलावा गांव के किसी मोह्हले में पर्याप्त मात्रा में नाली की उपलब्धता नहीं है। जिससे घर का गंदा पानी सीधे सड़को पर निकलता है। उसके बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि व सरपंच निष्क्रियता की हद पार रहे है। गांव की जनता भी आने वाले चुनावों में निष्क्रिय जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाने की तैयारी कर रही है।

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