जशपुर पुलिस का ‘हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं’ अभियान, दो दिनों में 5000 से अधिक वाहन चालकों को किया जागरूक

जशपुर, 05 अक्टूबर 2026। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली जनहानि को रोकने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं” अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत पिछले दो दिनों में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में करीब 5000 से अधिक बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को रोककर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान का नेतृत्व डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह कर रहे हैं, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में जिलेभर में व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

चालान से ज्यादा जागरूकता पर जोर

जशपुर पुलिस द्वारा इस अभियान में केवल चालानी कार्रवाई को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। बिना हेलमेट पकड़े गए वाहन चालकों को हेलमेट के महत्व और सड़क दुर्घटना के दौरान सिर की सुरक्षा में उसकी भूमिका के बारे में समझाया जा रहा है।

वाहन चालकों को हेलमेट खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हेलमेट खरीदकर उसकी रसीद प्रस्तुत करने के बाद उन्हें सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई जा रही है और भविष्य में नियमित रूप से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पुलिस का उद्देश्य है कि लोग केवल पुलिस की मौजूदगी में ही नहीं, बल्कि बिना किसी निगरानी के भी अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट का इस्तेमाल करें।

जिले में बढ़ रही हेलमेट पहनने की आदत

जशपुर पुलिस के लगातार जागरूकता अभियान का सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक अब नियमित रूप से हेलमेट पहनकर यात्रा कर रहे हैं। हालांकि अभी भी कुछ लोग बिना हेलमेट वाहन चलाते पाए जा रहे हैं, जिन्हें जागरूक करने के लिए अभियान लगातार जारी रखा गया है।

पुलिस का लक्ष्य है कि हेलमेट पहनना लोगों के लिए केवल यातायात नियम न रहकर दैनिक आदत और व्यक्तिगत जिम्मेदारी बने।

10 हजार लोगों को रैलियों के माध्यम से किया गया जागरूक

जशपुर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को जनअभियान का रूप देने के लिए कई स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से हेलमेट पहनने की अपील, हेलमेट जागरूकता रैलियां, गांवों एवं हाट-बाजारों में जागरूकता रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार तथा स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जिले के विभिन्न अनुभाग एवं थाना/चौकी स्तर पर आयोजित हेलमेट जागरूकता रैलियों में करीब 10,000 लोगों को सहभागी बनाया गया है।

इसके अलावा हेलमेट जागरूकता के लिए रील मेकिंग एवं सेल्फी प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को हेलमेट एवं पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

800 लोकेशन पर एक साथ पहुंचाया गया सड़क सुरक्षा का संदेश

जशपुर पुलिस ने 24 जून 2026 को एक अभिनव पहल के तहत जिले के 766 गांवों एवं नगरीय निकायों सहित कुल 800 लोकेशन पर एक ही दिन और एक ही समय में पुलिस जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट एवं सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाया था।

इस दौरान अधिकांश ग्राम सभाओं द्वारा हेलमेट जागरूकता के संबंध में प्रस्ताव भी पारित किए गए। जशपुर पुलिस के अनुसार इस पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया तथा पुलिस को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

60 हजार लोगों को ‘सड़क सुरक्षा के 07 वचन’ की शपथ दिलाने का लक्ष्य

जशपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जिले में 60,000 लोगों को “सड़क सुरक्षा के 07 वचन” की शपथ दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इन सात वचनों में हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना, गलत तरीके से ओवरटेक नहीं करना, शराब पीकर वाहन नहीं चलाना, यातायात नियमों का पालन करना तथा स्वयं के साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा का ध्यान रखना शामिल है।

50 अनमोल जिंदगियां बचाने का संकल्प

जशपुर पुलिस का यह अभियान केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना और कम से कम 50 अनमोल जिंदगियों को सुरक्षित रखने का संकल्प पूरा करना है।

पुलिस का संदेश है कि एक व्यक्ति द्वारा हेलमेट पहनने से केवल उसका जीवन ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की खुशियां भी सुरक्षित रहती हैं।

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने की जिलेवासियों से अपील

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सफर छोटा हो या बड़ा, दोपहिया वाहन चलाते समय स्वयं हेलमेट जरूर पहनें और पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाएं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन उसके परिवार के लिए अमूल्य है। सड़क सुरक्षा को केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं समझना चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जशपुर पुलिस का उद्देश्य चालान करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकना और प्रत्येक परिवार को सुरक्षित रखना है।

जशपुर पुलिस का स्पष्ट संदेश है—

“सफ़र छोटा हो या बड़ा, एक हेलमेट = हजारों खुशियाँ”

“हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं”

आपकी सुरक्षा – हमारी जिम्मेदारी

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