जशपुर पुलिस को मिला चलता-फिरता फॉरेंसिक लैब, अब मौके पर होगी वैज्ञानिक जांच

जशपुर, 24 मई 2026। अपराधों की जांच को तेज, सटीक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में जशपुर पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। जिले में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन “लैब ऑन व्हील्स” की शुरुआत की गई है। इस हाईटेक वाहन के जरिए अब हत्या, सड़क हादसे, साइबर क्राइम, नशे से जुड़े मामलों और अन्य गंभीर अपराधों में घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा सकेगी।


रक्षित केंद्र से रवाना हुई हाईटेक वैन

बुधवार को रक्षित केंद्र जशपुर परिसर से जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वैन आधुनिक उपकरणों और डिजिटल जांच तकनीकों से लैस है, जिससे घटनास्थल पर ही प्रारंभिक परीक्षण और साक्ष्य संरक्षण संभव होगा।


वैज्ञानिक जांच को मिलेगा बढ़ावा

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि बदलती अपराध प्रणाली और नए कानूनों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू होने के बाद गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक जांच की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा कि अब सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना अनिवार्य किया गया है, ऐसे में यह मोबाइल लैब पुलिस के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।


अब साक्ष्य खराब होने का खतरा होगा कम

अक्सर घटनास्थल से साक्ष्य लैब तक पहुंचाने में देरी होने से जांच प्रभावित होती थी। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के जरिए अब मौके पर ही साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे और शुरुआती विश्लेषण भी तुरंत किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बेहतर होंगी।

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए इस तरह की 32 मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं।


जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक पहल

विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि नई तकनीक आधारित यह पहल अपराधियों पर शिकंजा कसने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में कई बार पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने से आरोपी बच निकलते थे, लेकिन अब वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से दोषियों तक पहुंचना आसान होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह वैन डायल-112 जैसी त्वरित पुलिस सेवाओं से भी समन्वय बनाकर काम करेगी।


तेज होगी जांच, मजबूत होगा न्याय

जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने इसे न्याय व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि घटनास्थल पर तत्काल जांच होने से अदालत में साक्ष्यों की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।

फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सलीम कुजूर ने बताया कि यह मोबाइल यूनिट “विज्ञान आधारित जांच और त्वरित न्याय” की सोच को आगे बढ़ाएगी। इससे अपराध जांच अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बनेगी।

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