अमेरिका समेत आठ देशों में निर्यात होंगे छत्तीसगढ़ के वन उत्पाद, इन महिलाओं के खाते में जाती है हर्बल्स से होने वाली आय

छत्तीसगढ़ सरकार के वन उत्पाद आधारित ब्रांड छत्तीसगढ़ हर्बल्स की धमक अब विदेश में भी होगी। राज्य के लघु वनोपज संघ ने वनों से निकले उत्पादों के निर्यात के लिए अमेरिका समेत आठ देशों के साथ एमओयू किया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के वन उत्पाद आधारित ब्रांड छत्तीसगढ़ हर्बल्स की धमक अब विदेश में भी होगी। राज्य के लघु वनोपज संघ ने वनों से निकले उत्पादों के निर्यात के लिए अमेरिका समेत आठ देशों के साथ एमओयू किया है। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एचपीआरजे एग्री ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए इस एमओयू के अनुसार अब सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, फिलिपींस, वियतनाम, यूएसए, यूके और यूएई को यहां के वनों के उत्पाद निर्यात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश में छत्तीसगढ़ हर्बल्स उत्पाद की बिक्री के लिए अनुबंधित कंपनी अवनी आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड भी जापान को शहद निर्यात करेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात के लिए जरूरी जांच व पंजीयन की प्रक्रिया की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आगामी दो से तीन माह में छत्तीसगढ़ के उत्पाद विदेश में निर्यात होने शुरू हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतरने से पहले कई तरह की जांच प्रक्रिया से गुजरना है। लघु वनोपज संघ के अधिकारियों ने बताया कि त्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद सौ प्रतिशत विशुद्ध वन उत्पाद से तैयार किए गए और जैविक हैं। इसलिए सभी जांच में खरे उतरेंगे। इसके लिए अब संघ को विश्व स्वास्थ्य संगठन से तय मानकों से गुजरना होगा। यूनाइटेड स्टेट फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, आयुष प्रीमियम मार्क, एपीडा समेत अन्य संस्थानों से भी प्रमाण-पत्र लेने होंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों की बिक्री से प्राप्त समस्त आय राज्य के 13 लाख वनवासियों व स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के विकास और उत्थान में खर्च की जाती है।


विदेशी चखेंगे शहद और महुआ की चटनी
राज्य में लघु वनोपज संघ औषधीय उत्पाद से लेकर खाद्य पदार्थ, पर्सनल केयर व घरेलू उत्पाद भी तैयार कर रहा है। खाद्य पदार्थों में महुआ की चटनी, आचार जैम, चिक्की, चंक्स, लड्डू, कुकीज के अलावा च्ययनप्राश, शुद्ध शहद, इमली सास, आंवला मुरब्बा, जामुन-एलोवेरा जूस, रागी बिस्किट-कुकुीज व अन्य उत्पाद हैं। औषधीय उत्पाद में 42 प्रकार के चूर्ण में त्रिफला, नीम, कालमेघ, हर्रा, गिलोय, अश्वगंधादि, आमलकी, शतावरी, सर्दी-खांसी नाशक, पुनर्नवा, मधुमेह नाशक समेत अन्य हैं। पर्सनल केयर में कई तरह के हर्ब्स से तैयार शैंपू, साबुन, तेल, पाउडर माइश्चराइजर, हैंडवाश, कंडीशनर आदि हैं। घरेलू उत्पाद में हर्बल गुलाल, धूप, सैनिटाइजर, टायलेट क्लीनर आदि हैं।

छह करोड़ का टर्नओवर
तीन साल पहले संजीवनी मार्ट के जरिए इन उत्पादों की बिक्री श्ाुरू की गई थी। आज इसका सलाना टर्न ओवर छह करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। राज्य में इसका संचालन अवनी आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। इन उत्पाद की अब आनलाइन बिक्री भी की जा रही है। ई-कामर्स वेबसाइट अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत अन्य सोशल मीडिया वेबसाइट पर भी अब संजीवनी के उत्पाद मिल रहे हैं।

छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ के मुख्य वन संरक्षक अधिकारी अमरनाथ प्रसाद ने कहा, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद के विदेश में निर्यात के लिए नागपुर की विदेशी निर्यातक कंपनी से एमओयू हुआ है। अभी निर्यात के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्र व अंतरराष्ट्रीय मानक के लिए जांच की प्रक्रिया की जा रही है। एक-दो माह में उत्पाद का विदेश में निर्यात शुरू हो जाएगा।

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