
आशीष ताम्रकार की पत्नी को टिकट नही देने के पीछे एक कम्पनी के साथ ही साथ भाजपा के कुछ लोगो का हाथ
रायगढ़। हमे तो अपनो ने लूटा गेरो में कहा दम था इसको चरितार्थ किया किया भाजपा के लोगो ने मामला है नगर निगम चुनाव से जुड़ा हुआ है रायगढ़ जिले में सारंगढ़ के साथ ही साथ रायगढ़ के नगर निगम क्षेत्र में दो वार्ड नं 25और वार्ड न 9 में उप चुनाव होना है वार्ड नं 25 में महिला पिछड़ा होने की वजह से आशीष ताम्रकार ने अपनी धर्म पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग की थी वह जो कि सरकार और नगर निगम में काँग्रेस की सरकार होने के साथ सिर्फ तीन साल का कार्य काल निगम का बचा है आशीष ताम्रकार की पत्नी को टिकट नहीं मिले इसके लिए एक कम्पनी के सह पर भाजपा के कुछ नेताओं ने जम कर विरोध किया था औरऔर दूसरा विरोध करने का एक पहलू अलग है
मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले नगर निगम में एक कम्पनी अपनी गलतियों से सुर्खियों में रहा पक्ष और विपक्ष दोनो ने मिलकर उस कम्पनी को बचाने की कोशिश किया था जिसका आशीष ताम्रकार ने कड़ा विरोध किया था
वही दूसरी सबसे बड़ी वजह यह है कि नगर निगम मे विपक्ष की भूमिका लगभग नही के बराबर दिखाई देता है और नगर निगम में मनमाना ढंग से शासन चल रहा है आशीष ताम्रकार की पत्नी अगर जीत कर आ जाती तो नगर निगम में विपक्ष की भूमिका भलीभांति निभाई जा सकती थी इसका कड़ा विरोध करने के नाम से आशीष ताम्रकार जाने जाते हैं यही कारण है कि आशीष ताम्रकार की पत्नी को टिकट के विरोध में काग्रेस के साथ ही साथ भाजपा के कुछ नेता विरोध किया था काँग्रेस का विरोध करने का एक ठोस कारण है लेकिन भाजपा नेताओं द्रारा विरोध करना सिर्फ इस जीत जाने से उन लोगों की अहमियत कम हो जाएगी
