तालाब सौंदर्यीकरण में 4.40 लाख रुपये की अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने जांच और एफआईआर की मांग
धरमजयगढ़।
ग्रामीणों के अनुसार तालाब के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन स्थल पर न तो अपेक्षित गहरीकरण हुआ और न ही पत्थर की पिचिंग का कार्य कराया गया। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेजों के स्थान पर सरकारी पोर्टल पर दूसरी ग्राम पंचायत का चेक अपलोड कर भुगतान प्रक्रिया पूरी की गई।
भौतिक सत्यापन की मांग
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर स्वीकृत राशि के अनुरूप कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने पूरे मामले का भौतिक सत्यापन कराए जाने तथा भुगतान से जुड़े अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।
सरपंच का पक्ष
मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच नेहरूलाल कुजूर से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि तालाब में गहरीकरण का कार्य कराया गया है। हालांकि अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों के संबंध में उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
वहीं पंचायत सचिव धनेश्वर सिदार और जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कार्यों का भौतिक सत्यापन करने तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत के बाद प्रशासनिक जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



