तेलंगाना में दो बड़े नक्सली नेताओं ने किया आत्मसमर्पण, दशकों से संगठन में थे सक्रिय

नक्सल संगठन को उस समय बड़ा झटका लगा जब लंबे समय से सक्रिय दो वरिष्ठ नक्सली नेताओं ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों नेताओं ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक के समक्ष सरेंडर किया। इनमें संगठन के केंद्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ कैडर और उनकी पत्नी शामिल हैं।

सेंट्रल कमेटी स्तर का नेता भी शामिल

आत्मसमर्पण करने वालों में पसुनूरी नरहरी उर्फ विश्वनाथ उर्फ सलई दा शामिल है, जो नक्सली संगठन में सेंट्रल कमेटी मेंबर के रूप में सक्रिय था। इसके साथ ही वह बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी का सचिव भी बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार नरहरी पिछले चार दशकों से अधिक समय से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था। उसने शुरुआती दौर में भूमिगत सदस्य के रूप में संगठन में काम शुरू किया और बाद में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

तकनीकी और हथियार निर्माण में थी विशेष भूमिका

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक नरहरी संगठन के तकनीकी विंग में अहम भूमिका निभा रहा था। उसे हथियार निर्माण, विस्फोटक तैयार करने और तकनीकी प्रशिक्षण देने में विशेषज्ञ माना जाता था। संगठन के कई इलाकों में उसने तकनीकी नेटवर्क विकसित करने का काम किया।

बताया जा रहा है कि वह नक्सली कैडरों को हथियारों की मरम्मत, विस्फोटक निर्माण और आधुनिक तकनीकी उपयोग का प्रशिक्षण भी देता था।

पत्नी भी थी संगठन की वरिष्ठ सदस्य

आत्मसमर्पण करने वालों में मेदारा दनम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा भी शामिल है। वह संगठन में स्टेट कमेटी मेंबर के रूप में सक्रिय थी। दोनों लंबे समय से नक्सली संगठन के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार दोनों नेताओं ने संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहे।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता

वरिष्ठ नक्सली नेताओं के आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं। माना जा रहा है कि इससे संगठन की गतिविधियों और तकनीकी नेटवर्क को बड़ा झटका लग सकता है।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं।

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