दशकों का विकास छल साबित हुआ छाल में बदहाल स्टेट हाईवे पर थमी जिंदगी घंटों लगा रहा चक्काजाम
कुड़ेकेला :- जब राह ही रुठ जाए तो विकास की रफ्तार कैसी यह सवाल आज छत्तीसगढ़ के छाल क्षेत्र का हर नागरिक पूछ रहा है। प्रदेश में सरकारें बदलीं सत्ता का सिंहासन बदला लेकिन नहीं बदली तो छाल क्षेत्र के मुख्य स्टेट हाईवे की खस्ताहाल तस्वीर। दशकों बीत जाने के बाद भी यह क्षेत्र सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहा है। सड़कों को देश की तरक्की की रीढ़ माना जाता है लेकिन जब रीढ़ ही टूट चुकी हो तो विकास के तमाम दावे कागजी और खोखले साबित होने लगते हैं।
गड्डों में तब्दील हुई सड़क लगा घंटों लंबा जाम:-आज एक बार फिर जर्जर सड़क की त्रासदी उस वक्त सामने आई जब मुख्य मार्ग पर एक भारी वाहन गड्ढे में फंस गया। इसके बाद देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। गर्मी और धूल के गुबार के बीच लोग घंटों फंसे रहे। रोज-रोज लगते इस चक्काजाम से स्थानीय जनता का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है।
खोखले साबित हुए दावों के बीच जनता लाचार :- स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन का झुनझुना पकड़ा दिया जाता है। जिस क्षेत्र से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है वहां के लोग आज धूल खाने और गड्ढों से भरी सड़कों पर जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं। अगर समय रहते इस जर्जर स्टेट हाईवे का कायाकल्प नहीं किया गया तो आने वाले 25 अगस्त की हड़ताल शासन प्रशासन को भारी पड़ सकती है।











