दुखी आत्मा पार्टी पर टिकी है सब की नजर
बेमेतरा =नगरीय निकाय चुनाव में इस बार सुरही तट की चर्चा पूरे राज्य में है, देवकर नगर पंचायत में वैसे दोनो राष्ट्रीय पार्टी से बगावत कर समर्थक मैदान में हैं, पर एक पूर्व पार्षद के पति ने दुखी आत्मा पार्टी बनाकर मतदाता की सुख की सौगात देने का जो सपना दिखाया है यह चर्चा का विषय है, राजनीति के इतिहास में लोग पहली बार दुखी आत्मा का सामना कर रहे हैं यह आत्मा वोट की आहुति से, तर्पण से ,या संपर्ण से संतुष्ट होगी परिणाम बताएगा लेकिन यह तय हो गया की राज्य बनने के ढ़ाई दशक बाद भी आत्मा भटक रही है, दो पैर वाले मानव के लिए ईश्वर एवम स्वर्ग की प्राप्ति अंतिम लक्ष्य होता है, पर साजा विधानसभा को ईश्वर मिलने के बाद भी यदि आत्मा को दुख पहुंच रहा है तो तय है कि नरक की यात्रा पूरी नहीं हुई है या जिसे भगवान समझा जा रहा है यह भ्रम है, अध्यक्ष पद के लिए पांच दावेदार तो पार्षद पद के लिए चालीस दावेदार मैदान में हैं, साढ़े पांच हजार मतदाता वाले नगर पंचायत देवकर में चुनाव रोचक हो गया है, इस नगर में 2685 पुरुष के मुकाबले 2826 महिला मतदाता हैl सबकी नजर दुखी आत्मा पार्टी पर टिकी हुई है ।
दुखी आत्मा पार्टी के लिए वोट की आहुति ग्यारह को अर्पण या तर्पण तय करेगी जनता
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