दुर्ग में नकली सिगरेट का कारोबार पकड़ा गया, 18 हजार सिगरेट जब्त; दो गिरफ्तार
दुर्ग, 13 अगस्त। इंदिरा मार्केट में ब्रांडेड कंपनियों के नाम और पैकेजिंग का इस्तेमाल कर कथित तौर पर नकली सिगरेट बेचने का मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने एक कारोबारी प्रतिष्ठान में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से 18 हजार नकली सिगरेट के अलावा पैकिंग से जुड़ी सामग्री बरामद की गई है। जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 2.07 लाख रुपये बताई गई है।
कंपनी प्रतिनिधि की सूचना पर कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, 11 अगस्त को संबंधित कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता कंपनी के फील्ड ऑफिसर के तौर पर कार्यरत है और कंपनी के उत्पादों की नकल किए जाने के मामलों में कार्रवाई के लिए अधिकृत है।
उसे जानकारी मिली थी कि इंदिरा मार्केट स्थित SSD TRADERS में कंपनी के नाम से नकली सिगरेट की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दुकान पर पहुंचकर जांच शुरू की।
जांच के दौरान बड़ी मात्रा में सिगरेट मिली
पुलिस की कार्रवाई के दौरान दुकान से ब्रांड नाम और कंपनी की पहचान वाली पैकिंग में रखी सिगरेट बरामद हुई। पुलिस ने कुल 18 हजार सिगरेट जब्त की। इनमें 12 हजार सिगरेट के 24 बंडल और 6 हजार सिगरेट के 12 बंडल शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, कुछ पैकेटों पर 115 रुपये की MRP और QR नंबर भी अंकित था। प्रारंभिक जांच में पैकिंग पर कंपनी के नाम और पहचान का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने विशाल जसवानी (36), निवासी गुरुनानक नगर, सत्यम बेकरी गली, दुर्ग और निखिल सिहानी (29), निवासी सदानी नगर, सिंधी कॉलोनी, दुर्ग को गिरफ्तार किया है। दोनों मोहन नगर थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि नकली उत्पादों की बिक्री के जरिए असली ब्रांड की पहचान का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश की जा रही थी।
BNS और कॉपीराइट एक्ट में मामला दर्ज
सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिगरेट की खेप कहां से लाई गई थी। इसके अलावा दुर्ग में इसकी सप्लाई किन दुकानों तक की जानी थी और नकली उत्पाद तैयार करने या उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।




