धमतरी में कोटवारों का धरना, 15 हजार रुपये वेतन और नियमितीकरण की मांग; बोले- 3 से 5 हजार में परिवार चलाना मुश्किल

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के बैनर तले कोटवारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गांधी मैदान में एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमितीकरण, राजस्व विभाग में संविलियन और न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक देने की मांग उठाई।

कोटवारों का कहना है कि मौजूदा महंगाई में 3 हजार से 5 हजार रुपये प्रतिमाह मिलने वाले पारिश्रमिक से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। वर्षों से गांवों में प्रशासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने के बावजूद उन्हें नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।

नियमितीकरण कर राजस्व विभाग में संविलियन की मांग

धरने पर बैठे कोटवारों ने कहा कि वे गांवों में शासन की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों में भी सहयोग करते हैं। ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। संगठन ने मांग की कि कोटवारों को नियमित कर राजस्व विभाग में संविलियन किया जाए, ताकि उन्हें बीमा, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सके।

सभी कोटवारों को मिले 15 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक

कोटवार एसोसिएशन ने सभी कोटवारों के लिए न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक निर्धारित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सभी कोटवार गांवों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, इसलिए उनके पारिश्रमिक में भी समानता होनी चाहिए।

संगठन के मुताबिक, अलग-अलग वर्गों के आधार पर पारिश्रमिक दिए जाने की व्यवस्था से असमानता की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में सरकार को सभी कोटवारों के लिए समान और सम्मानजनक भुगतान व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

नियुक्ति प्रक्रिया की विसंगतियां दूर करने की मांग

धरने के दौरान कोटवारों ने नियुक्ति प्रक्रिया में कथित मनमानी और विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया। संगठन का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में विवाद इतने बढ़ जाते हैं कि संबंधित लोगों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।

कोटवारों ने सरकार से नियुक्ति संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं में स्पष्टता लाने तथा विवादों का स्थायी समाधान करने की मांग की।

लंबित मांगों पर कार्रवाई की मांग

कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने शासन से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। संगठन का कहना है कि नियमितीकरण, उचित पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने से कोटवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक प्रभावी तरीके से कर सकेंगे।

गांधी मैदान में आयोजित धरने के माध्यम से कोटवारों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।

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