धमतरी में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 3 दुकानों के लाइसेंस निलंबित, 1559 बोरी रासायनिक व जैविक उर्वरक जब्त
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को तय और निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा के कड़े और स्पष्ट निर्देश पर कृषि विभाग और राजस्व अमले की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न विकासखंडों में संचालित खाद विक्रय केंद्रों पर औचक दबिश दी। इस जांच महा-अभियान में गंभीर वित्तीय व व्यापारिक अनियमितताएं पाए जाने पर **तीन बड़े खाद विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित** कर दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने दबिश देकर कुल **859 बोरी रासायनिक उर्वरक** और **700 बोरी जैविक खाद** को अवैध रूप से भंडारण और ओवररेटिंग करने के मामले में जब्त कर लिया है।
मगरलोड के वंदना खाद भंडार में यूरिया-डीएपी की ओवररेटिंग, 859 बोरी स्टॉक सील
प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विकासखंड मगरलोड के अंतर्गत ग्राम करेली छोटी में संचालित ‘मेसर्स वंदना खाद भंडार’ के खिलाफ स्थानीय किसानों से लगातार तय कीमत से अधिक (ओवररेटिंग) पर खाद बेचने और अवैध मुनाफाखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। टीम ने जब वहां छापा मारा, तो शिकायतें पूरी तरह सच पाई गईं। दुकान संचालक द्वारा न तो किसानों को अनिवार्य ‘कैश मेमो’ (पक्का बिल) दिया जा रहा था और न ही शासकीय दरों का पालन हो रहा था।
गंभीर लापरवाही और जमाखोरी प्रमाणित होने पर कलेक्टर के निर्देश पर वंदना खाद भंडार का उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही दुकान के गोदाम से अवैध रूप से डंप कर रखी गई निम्नलिखित रासायनिक खाद की बोरियां जब्त कर ली गईं:
| उर्वरक का प्रकार (Chemical Fertilizer) | जब्त स्टॉक की मात्रा |
|---|---|
| यूरिया (Urea) | 269 बोरी |
| एनपीके (NPK) | 354 बोरी |
| डीएपी (DAP) | 236 बोरी |
| कुल रासायनिक जब्ती | 859 बोरी |
नगरी-बेलरगांव में बिना अनुमति 700 बोरी जैविक खाद डंप, कारण बताओ नोटिस जारी
कार्रवाई के दूसरे चरण में जांच टीम विकासखंड नगरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेलरगांव पहुंची। यहां ‘पवार ट्रेडर्स’ के व्यावसायिक परिसर और गोदाम की सघन तलाशी लेने पर बिना किसी वैध प्रशासनिक अनुमति या लाइसेंस के अवैध रूप से भंडारित की गई **600 बोरी जैविक खाद** बरामद हुई। इसी तरह, बेलरगांव के ही एक अन्य संस्थान ‘जय किसान ट्रेडर्स’ पर भी छापा मारकर **100 बोरी जैविक खाद** अनधिकृत रूप से स्टॉक में रखी हुई पाई गई।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने दोनों ही दुकानों से कुल 700 बोरी जैविक खाद को सील कर दिया है और दोनों ही रसूखदार कृषि व्यापारियों को फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO) के तहत ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर सख्त जवाब तलब किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।
कुरूद के चंडी और किसान ट्रेडर्स में पॉस (POS) मशीन और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर
इसी क्रम में विकासखंड कुरूद के दो प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों— ‘मेसर्स चंडी ट्रेडर्स’ और ‘मेसर्स किसान ट्रेडर्स’ में भी बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गईं। जब जांच अधिकारियों ने इन दुकानों में लगे सरकारी पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान दुकान की अलमारी और गोदाम में रखे भौतिक (वास्तविक) स्टॉक से किया, तो दोनों रिकॉर्ड्स में जमीन-आसमान का अंतर मिला, जो सीधे तौर पर खाद की ब्लैक मार्केटिंग की ओर इशारा करता है।
इसके अलावा नियमों को ठेंगा दिखाते हुए दोनों ही दुकानों में न तो ‘मूल्य सूची’ (रेट लिस्ट) टांगी गई थी और न ही उपलब्ध स्टॉक की जानकारी बोर्ड पर प्रदर्शित की गई थी। इस खुली जालसाजी पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन की पूरी अवधि के दौरान इन दोनों दुकानों से खाद की किसी भी प्रकार की खरीदी-बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध (बैन) लगा दिया गया है।
किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले सीधे जेल जाएंगे: कलेक्टर अविनाश मिश्रा
इस बड़ी और चौतरफा दंडात्मक कार्रवाई के बाद धमतरी कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जिले के सभी खाद-बीज और कीटनाशक दवा के निजी व्यापारियों व सोसायटियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि खरीफ सीजन में अन्नदाताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़, कृत्रिम किल्लत (शॉर्टेज) पैदा करना, स्टॉक छिपाना या निर्धारित मूल्य से एक भी रुपया अतिरिक्त वसूलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे समाजविरोधी तत्वों के खिलाफ सीधे आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर की अपील— ‘दुकानदार से हमेशा लें पक्का बिल, शिकायत के लिए तत्काल करें फोन’
कलेक्टर ने जिले के तमाम किसान भाइयों से भी एक महत्वपूर्ण और जागरूक अपील की है। उन्होंने कहा है कि जब भी वे किसी भी दुकान या सहकारी समिति से खाद, बीज या कृषि सामग्री खरीदें, तो दुकानदार से अनिवार्य रूप से कंप्यूटर जनित या हाथ से लिखा ‘पक्का बिल’ (कैश मेमो) जरूर मांगें। यदि कोई भी विक्रेता या बिचौलिया पक्का बिल देने से मना करता है, नकली खाद थमाता है, या तय बोरी की कीमत से ज्यादा पैसे मांगता है, तो किसान बिना डरे इसकी तत्काल लिखित या मौखिक सूचना विकासखंड कृषि अधिकारी, जिला कृषि कार्यालय या सीधे जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम को दें, ताकि तत्काल कड़ी विधिक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।











