धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में लापरवाही: डॉक्टर और सफाईकर्मी को कारण बताओ नोटिस जारी
सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां उपचार के दौरान एक महिला मरीज की मृत्यु के बाद उसके शव को नियमानुसार मरचुरी में स्थानांतरित करने के बजाय काफी समय तक जनरल महिला वार्ड में ही अन्य भर्ती मरीजों के बीच रखा रहने दिया गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया और तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचित किया।
जनप्रतिनिधियों की आपत्ति और औचक निरीक्षण
जनप्रतिनिधियों की शिकायत मिलते ही प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने महिला वार्ड का औचक निरीक्षण किया, जहां मृतक मरीज का शव जनरल महिला वार्ड में ही रखा हुआ मिला। इस गंभीर चूक और संवेदनशीलता की कमी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। विदित हो कि इस घटना को लेकर भाजपा नेताओं भोगेश्वर बेहरा, पार्षद जानू सिदार और एल्डरमैन नीरज अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के सामने कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
दो कर्मचारियों को 24 घंटे का नोटिस
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चिकित्सा अधिकारी अनु. डॉ. कुशाल सिंह को पत्र के माध्यम से मरीज की मृत्यु के बाद शव को मरचुरी वार्ड में शिफ्ट न कराने और कार्य में उदासीनता बरतने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, सफाईकर्मी रामानंद सारथी को भी शासकीय कार्य को गंभीरता से न लेने के संबंध में जवाब तलब किया गया है और पूछा गया है कि क्यों न उन्हें सेवा से पृथक करने हेतु उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जाए।
स्पष्ट जवाब न देने पर होगी कड़ी कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने दोनों कर्मचारियों को पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर लिखित एवं संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। संतोषप्रद जवाब न मिलने या समय पर जवाब न देने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए संबंधित कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस संपूर्ण मामले की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायगढ़ को भी आवश्यक सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई है।











