नई दिल्ली : BRICS समिट से पहले मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात, भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने पर बनी सहमति
व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की हुई समीक्षा
मोदी ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को बताया रास्ता
पुतिन ने मोदी को रूस आने का दिया न्योता, पीएम ने स्वीकार किया आमंत्रण
नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026। भारत की मेजबानी में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ कई क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर जोर
बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही आर्थिक सहयोग, बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और कौशल आधारित सहयोग जैसे क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई।
दोनों पक्षों ने 2030 के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और व्यापार एवं औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखने पर जोर दिया।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा
मोदी और पुतिन ने मौजूदा क्षेत्रीय एवं वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचार साझा किए। बैठक में यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों के कारण समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि संघर्षों के समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति से निकलना चाहिए। भारत ने शांति प्रयासों में सहयोग की अपनी तत्परता भी दोहराई।
रूस आने का पुतिन ने दिया न्योता
बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस की यात्रा का निमंत्रण दिया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच होने वाले 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सहमति से तय की जाएगी।
BRICS में भारत की अहम भूमिका
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 18वां शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन में रूस के पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। विस्तारित BRICS में अब 11 सदस्य देश हैं और समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, भुगतान व्यवस्था तथा वैश्विक शासन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर रहा है।
भारत के लिए सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वह रूस, चीन और पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंधों के बीच रणनीतिक संतुलन बनाए रखते हुए BRICS के जरिए वैश्विक दक्षिण की भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।












