नकटी बुलडोजर कार्रवाई के बाद भी जारी विरोध, बारिश में टूटे घरों में रहने को मजबूर परिवार
अब भी प्रदर्शन जारी, सांसद बृजमोहन ने कार्रवाई पर उठाए सवाल, कांग्रेस ने भी किया विरोध
रायपुर। राजधानी से लगे नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तीन दिन बाद भी प्रभावित परिवारों का विरोध प्रदर्शन जारी है। लगातार बारिश के बीच कई बेघर परिवार अपने टूटे हुए घरों में रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग गांव में ही धरने पर बैठे हुए हैं। प्रभावितों का कहना है कि पुनर्वास की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और उनकी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ है।
बारिश और कीचड़ के बीच जारी धरना
बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीण बारिश और कीचड़ के बीच गांव में धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन ने बरसात के मौसम में घर तोड़कर उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में छोड़ दिया। कई परिवार टूटे मकानों में ही शरण लेने को मजबूर हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए सवाल
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रात के समय घर तोड़े गए हैं तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे आज भी नकटी गांव के ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कार्रवाई से पहले ग्रामीणों को बरसात तक तोड़फोड़ नहीं होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद 29 जून को कार्रवाई कर दी गई।
EWS मकानों पर ग्रामीणों की आपत्ति
प्रशासन का दावा है कि प्रभावित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में पुनर्वास की व्यवस्था दी जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सभी परिवारों को मकान नहीं मिला है और उपलब्ध कराए गए मकान छोटे होने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं।
एक साल पुराना पत्र हुआ वायरल
नकटी गांव मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का मुख्यमंत्री को लिखा एक वर्ष पुराना पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्र में उन्होंने विधायक कॉलोनी के लिए इस भूमि के चयन पर आपत्ति जताते हुए गरीब परिवारों को हटाने को मानवीय दृष्टि से उचित नहीं बताया था।
कांग्रेस का विरोध तेज
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें समर्थन का भरोसा दिया। वहीं, भिलाई में यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सरायपाली की कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी को किसी अन्य स्थान, विशेषकर नया रायपुर की उपलब्ध सरकारी भूमि पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की भी मांग की।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है और उन्हें नया रायपुर स्थित ईडब्ल्यूएस आवास आवंटित किए जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।


