नवापारा में मुक्तिधाम की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप, अंतिम संस्कार के लिए जगह की समस्या का दावा

ग्रामीणों ने पंचायत और राजस्व प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की

कुड़ेकेला/रायगढ़। रायगढ़ जिले के छाल तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नवापारा में मुक्तिधाम की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के लिए उपयोग की जाने वाली जमीन के हिस्से में कुछ लोगों ने मकान और दुकानें बना ली हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे अंतिम संस्कार के लिए उपलब्ध जगह लगातार कम हो रही है।

मुक्तिधाम की जमीन पर निर्माण का आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक, जिस स्थान का उपयोग लंबे समय से अंतिम संस्कार के लिए किया जाता रहा है, वहां अब कई जगह निर्माण दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने आवासीय मकानों के साथ व्यावसायिक उपयोग के लिए भी निर्माण कर लिया है।

हालांकि, इन निर्माणों की वैधता, भूमि का राजस्व रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के पास उपलब्ध दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस संबंध में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अंतिम संस्कार के लिए जगह कम होने का दावा

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण और निर्माण के कारण मुक्तिधाम का उपयोग प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर श्मशान भूमि की वास्तविक स्थिति और सीमांकन की जांच करे।

पंचायत और राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल

मुक्तिधाम जैसी सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कथित निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही श्मशान घाट की भूमि का सीमांकन कर उसे सुरक्षित करने और आवश्यकता पड़ने पर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।

प्रशासन की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल मामला स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों पर आधारित है। यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित निर्माणों के लिए किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली गई है या नहीं। ऐसे में राजस्व अभिलेख, भूमि की प्रकृति, सीमांकन और निर्माण की अनुमति की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मुक्तिधाम की भूमि को सुरक्षित रखने की मांग की है।

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