
नाबालिग बालिका से कथित पूछताछ मामले पर कांग्रेस का हमला, चुम्मन साहू ने सरकार और पुलिस से मांगा जवाब
राजनांदगांव। जिले में एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ पूछताछ के नाम पर कथित अमानवीय व्यवहार के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने इस मामले में भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
“क्या थाने भी अब बच्चियों के लिए सुरक्षित नहीं?”
कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित खबरें सही हैं, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन संस्थाओं पर नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, यदि उन्हीं पर ऐसे आरोप लगते हैं तो यह व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
चुम्मन साहू ने कहा कि यह घटना केवल एक परिवार से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और कई मामलों में पीड़ित पक्ष को ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
चुम्मन साहू ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और मामले को दबाने या दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
मामले को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
नाबालिग बालिका से कथित पूछताछ और उसके साथ व्यवहार को लेकर सामने आए आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।


