नारायणपुर: एक करोड़ के बीमा दावे में हेराफेरी और धमकी का मामला; तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव गिरफ्तार
नारायणपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नारायणपुर जिले में एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। सड़क दुर्घटना में दिवंगत डीएसएफ (DSF) आरक्षक की पत्नी को मिले 1 करोड़ रुपये के बीमा दावे में कथित अवैध वसूली और धमकी देने के आरोप में पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में एक अधिवक्ता की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
दिवंगत डीएसएफ आरक्षक स्व. धनेश्वर नुरेटी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी के बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सैलरी पैकेज के तहत 1 करोड़ रुपये की दुर्घटना बीमा राशि प्राप्त हुई थी।
शिकायत के अनुसार:
- तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव और अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा ने बीमा क्लेम दिलाने के नाम पर परिजनों से 19 लाख रुपये ले लिए।
- आरोपी इतने पर ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने शेष बीमा राशि में से 50 प्रतिशत हिस्सेदारी (अवैध वसूली) की मांग शुरू कर दी।
- जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
परिजनों द्वारा लगातार दी जा रही प्रताड़ना से तंग आकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नारायणपुर में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और थाना कोतवाली नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318, 308 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
मुख्य आरोपी और तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, सह-आरोपी अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का पालन कराने वाले तंत्र में यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार या अवैध वसूली में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



