नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्य लापता, कोलकाता का 32 सदस्यीय दल भी संपर्क से बाहर

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे यात्री, नेपाल-तिब्बत सीमा पर फ्लैश फ्लड के बाद टूटा संपर्क

नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 सदस्य लापता बताए जा रहे हैं। ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे और नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्यिरोंग क्षेत्र में मौजूद थे। सद्गुरु ने भी समूह से संपर्क नहीं होने की जानकारी साझा की है।

इमिग्रेशन सेंटर के पास आई भीषण बाढ़

जानकारी के अनुसार, ईशा फाउंडेशन का समूह ग्यिरोंग स्थित इमिग्रेशन सेंटर के पास था, तभी अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने इलाके को प्रभावित कर दिया। इसके बाद समूह के सदस्यों से संपर्क नहीं हो सका। बचाव और राहत एजेंसियां उनकी स्थिति का पता लगाने में जुटी हैं।

कोलकाता का 32 सदस्यीय दल भी लापता

इस आपदा में कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी संपर्क से बाहर हो गया है। दल में 30 यात्री और दो टूर मैनेजर शामिल हैं। यह समूह 26 अगस्त की सुबह रसुवागढ़ी पहुंचा था और करीब 8:30 बजे इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद था, तभी फ्लैश फ्लड ने इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।

130 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की खबर

नेपाल की इस आपदा के बाद 130 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की है। भारतीय दूतावास और संबंधित राज्य सरकारें प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाने तथा राहत-बचाव प्रयासों में समन्वय कर रही हैं।

157 से ज्यादा मौतें, सैकड़ों लोग अब भी लापता

रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 157 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी है।

भारतीयों की तलाश के लिए हेल्पलाइन जारी

भारतीय दूतावास, काठमांडू ने प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अधिकारियों के स्तर पर लापता यात्रियों की जानकारी जुटाई जा रही है और नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।

**स्थिति अभी भी गंभीर है और लापता यात्रियों की तलाश जारी है।**

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