पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं पर बढ़े हमले, एक दिन में दो घटनाओं से मचा सियासी बवाल
सौमित्र बनर्जी पर अंडे फेंके, सरपंच मंदिरा गेन का माफी मांगते वीडियो वायरल
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी युवा नेता सौमित्र बनर्जी पर अंडों से हमला किया गया, वहीं एक अन्य मामले में धनुरहाट ग्राम पंचायत की सरपंच मंदिरा गेन का हाथ जोड़कर और घुटनों के बल बैठकर माफी मांगते हुए वीडियो सामने आया है। दोनों घटनाओं ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
कोर्ट ले जाते समय सौमित्र बनर्जी पर हमला
जानकारी के अनुसार पुलिस गिरफ्तार टीएमसी युवा नेता सौमित्र बनर्जी को रानीगंज कोर्ट ले जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में मौजूद लोगों ने उन पर अंडे फेंके और कथित तौर पर धक्का-मुक्की तथा मारपीट भी की। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित अदालत पहुंचाया।
सौमित्र बनर्जी को भाजपा नेता रवि केशरी की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। उन पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने का आरोप है।
सरपंच मंदिरा गेन का वीडियो वायरल
दूसरी ओर धनुरहाट ग्राम पंचायत की सरपंच मंदिरा गेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे कान पकड़कर, हाथ जोड़कर और रोते हुए लोगों से माफी मांगती दिखाई दे रही हैं। बाद में वे घुटनों के बल बैठकर भी क्षमा याचना करती नजर आती हैं।
बताया जा रहा है कि पंचायत से जुड़े एक विवाद के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके घर के बाहर पहुंच गए थे और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
एक दिन पहले कुणाल घोष पर भी हुआ था हमला
सोमवार को टीएमसी विधायक और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष पर भी अंडे फेंके गए थे। घटना उस समय हुई जब वे कोलकाता स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले भाजपा समर्थक थे। उन्होंने कहा कि यदि वे समय रहते नहीं बचते तो उनकी आंख को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
लगातार बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं
पिछले कुछ सप्ताहों में टीएमसी नेताओं पर अंडे, पत्थर, टमाटर और अन्य वस्तुएं फेंकने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इनमें सांसद सौगत रॉय, सांसद अभिषेक बनर्जी, विधायक मदन मित्रा, पूर्व विधायक सनत डे, नेता सव्यसाची दत्ता सहित कई प्रमुख नेता निशाना बन चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति इन घटनाओं में दिखाई दे रही है। वहीं टीएमसी ने इन घटनाओं के पीछे विपक्षी दलों की साजिश होने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
लगातार हो रही घटनाओं के बाद राज्य की राजनीति और अधिक गर्मा गई है। विपक्ष इन घटनाओं को जनता की नाराजगी बता रहा है, जबकि टीएमसी इसे सुनियोजित राजनीतिक हमला करार दे रही है।
फिलहाल पुलिस सभी घटनाओं की जांच कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।



