पेलमा खदान जनसुनवाई को लेकर बढ़ा विरोध, संजय देवांगन ने उठाए सवाल

रायगढ़, 06 मई 2026: तमनार क्षेत्र में 19 मई को प्रस्तावित SECL की पेलमा कोयला खदान परियोजना की जनसुनवाई को लेकर विरोध तेज हो गया है। नगर निगम रायगढ़ के पूर्व वरिष्ठ पार्षद संजय देवांगन ने इस परियोजना को जनविरोधी बताते हुए प्रशासन और कंपनी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।


कॉर्पोरेट दबाव में निर्णय लेने का आरोप

संजय देवांगन ने आरोप लगाया कि परियोजना के पीछे बड़े कॉर्पोरेट घरानों का दबाव काम कर रहा है और प्रशासन केवल औपचारिकता के तौर पर जनसुनवाई आयोजित कर रहा है। उनका कहना है कि इस परियोजना से तमनार क्षेत्र के कई गांव प्रभावित होंगे और बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन की आशंका है।


PESA कानून के उल्लंघन का आरोप

उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में लागू PESA कानून के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। ग्राम सभाओं की वास्तविक सहमति के बिना जनसुनवाई आयोजित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया गया है।


पर्यावरण और आदिवासी संस्कृति पर चिंता

देवांगन ने कहा कि यह केवल जमीन अधिग्रहण का मामला नहीं है, बल्कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े स्थानीय अधिकारों का मुद्दा है। उन्होंने आशंका जताई कि परियोजना लागू होने से पर्यावरण संतुलन प्रभावित होगा और वन्यजीवों के साथ स्थानीय आदिवासी संस्कृति पर भी असर पड़ेगा।


रखी गई प्रमुख मांगें

प्रेस विज्ञप्ति में 19 मई की जनसुनवाई को तत्काल रद्द करने, ग्राम सभाओं की पारदर्शी सहमति सुनिश्चित करने, सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों का पुनर्मूल्यांकन कराने तथा स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।


आंदोलन की चेतावनी

संजय देवांगन ने कहा कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी कर जबरन जनसुनवाई कराई गई, तो कांग्रेस पार्टी और स्थानीय लोग लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेंगे।

Back to top button